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उर्दू रामलीला में तहजीब का अनूठा संगम
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tehzeeb's unique confluence in urdu ramlila
- फोटो : CITY DESK
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उर्दू रामलीला में तहजीब का अनूठा संगम
शानफा रहमान बनीं सीता, लक्ष्मण की भूमिका में अदनान
प्रयागराज में पहली बार उर्दू रामलीला का मंचन देखने उमड़े लोग
प्रयागराज। संगमनगरी में शनिवार को उर्दू रामलीला के मंचन के जरिए तहजीब का अनूठा संगम आपसी सद्भाव की मिसाल बन गया। इस लीला में एनएसडी से जुड़ीं कानपुर की शाफना रहमान सीता की भूमिका में थीं तो प्रयागराज के मोहम्मद अदनान ने लक्ष्मण का किरदार निभाया। पहली बार उर्दू रामलीला का मंचन देखने के लिए उमड़ी लीला प्रेमियों की भीड़ से एनसीजेडसीसी के प्रेक्षागृह में खड़े होने तक की जगह नहीं बची। प्रयागराज में पहली बार शनिवार की शाम को दास्तान-ए-राम के तहत उर्दू में रामलीला के मंचन के जरिए गंगा-यमुनी तहजीब का उदाहरण प्रस्तुत किया गया। इस उर्दू रामलीला के लेखक प्रो. दानिश इकबाल जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में तैनात हैं । इस संगीतमय उर्दू रामलीला में शास्त्रीय और लोक नृत्यों की जुगलबंदी भी बेहद खास रही। भरतनाट्यम के अलावा कथक व छऊ लोक नृत्य का मिश्रण हर किसी के लिए मोहक और यादगार रहा। निर्माता तारिक खान और निर्देशक मुस्तजब मलिक प्रयागराज में इस पहली प्रस्तुति को लेकर बेहद अभिभूत रहे। अब 21 अक्तूबर को वाराणसी में उर्दू रामलीला का मंचन होगा। इस लीला में छाया कठपुतली का प्रयोग भी बेहद रोचक था। छाया कठपुतली की कोरियोग्राफी कर्नाटक के गुन्दू राजू ने की। 1.25 घंटे की इस लीला में राम की भूमिका संदीप कुमार ने की। सीता के रूप में कानपुर की शानफा रहमान और लक्ष्मण के रूप में मोहम्मद अदनान का अभिनय सराहा गया।
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शानफा रहमान बनीं सीता, लक्ष्मण की भूमिका में अदनान
प्रयागराज में पहली बार उर्दू रामलीला का मंचन देखने उमड़े लोग
प्रयागराज। संगमनगरी में शनिवार को उर्दू रामलीला के मंचन के जरिए तहजीब का अनूठा संगम आपसी सद्भाव की मिसाल बन गया। इस लीला में एनएसडी से जुड़ीं कानपुर की शाफना रहमान सीता की भूमिका में थीं तो प्रयागराज के मोहम्मद अदनान ने लक्ष्मण का किरदार निभाया। पहली बार उर्दू रामलीला का मंचन देखने के लिए उमड़ी लीला प्रेमियों की भीड़ से एनसीजेडसीसी के प्रेक्षागृह में खड़े होने तक की जगह नहीं बची। प्रयागराज में पहली बार शनिवार की शाम को दास्तान-ए-राम के तहत उर्दू में रामलीला के मंचन के जरिए गंगा-यमुनी तहजीब का उदाहरण प्रस्तुत किया गया। इस उर्दू रामलीला के लेखक प्रो. दानिश इकबाल जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में तैनात हैं । इस संगीतमय उर्दू रामलीला में शास्त्रीय और लोक नृत्यों की जुगलबंदी भी बेहद खास रही। भरतनाट्यम के अलावा कथक व छऊ लोक नृत्य का मिश्रण हर किसी के लिए मोहक और यादगार रहा। निर्माता तारिक खान और निर्देशक मुस्तजब मलिक प्रयागराज में इस पहली प्रस्तुति को लेकर बेहद अभिभूत रहे। अब 21 अक्तूबर को वाराणसी में उर्दू रामलीला का मंचन होगा। इस लीला में छाया कठपुतली का प्रयोग भी बेहद रोचक था। छाया कठपुतली की कोरियोग्राफी कर्नाटक के गुन्दू राजू ने की। 1.25 घंटे की इस लीला में राम की भूमिका संदीप कुमार ने की। सीता के रूप में कानपुर की शानफा रहमान और लक्ष्मण के रूप में मोहम्मद अदनान का अभिनय सराहा गया।