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Prayagraj News: संगम की रेती पर घूमती दिखीं आंसू बहाने वाली मॉडल हर्षा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jan 2025 02:05 AM IST
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Tearful model Harsha seen roaming on the sands of Sangam
भगवा चोला ओढ़कर संन्यासिनी बनने का ढोंग फैलाने के आरोपों के बाद निरंजनी अखाड़े के आचार्य शिविर से आंसू लेकर लौटने की बात कहने वाली मॉडल हर्षा रिछारिया शुक्रवार को मेले में ही घूमती दिखीं। वह सेक्टर-11 के पास कैमरे में कैद हुईं। वही, हर्षा को शाही सवारी कराने पर उनके गुरु स्वामी कैलाशानंद गिरि को महाकुंभ से बाहर किए जाने की मांग भी उठने लगी है।
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निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि ने ही प्रथम अमृत स्नान के दौरान आचार्य रथ पर साध्वी वेश धारण किए हर्षा को बैठाया था। इसका शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप ने जोरदार विरोध किया था। इससे आहत हर्षा ने बृहस्पतिवार को रो-रोकर कहा था कि वह महाकुंभ से जा रही हैं। यह वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल था।
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मगर, शुक्रवार को हर्षा साध्वी वेश में माथे पर त्रिपुंड और भगवा पहने गंगेश्वर पांटून पुल से आगे सेक्टर 11-12 के बीच सफेद रंग की कार से गुजरीं। पास में ही गंगा दर्शन किया और तिलक लगाकर कार में फोन पर चैटिंग करती रहीं।
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महाकुंभ में हर्षा की मौजूदगी की जानकारी मिलने पर शांभवी पीठाधीश्वर ने निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद को महाकुंभ से बाहर कर उनका बहिष्कार करने की मांग की। कहा, स्वामी कैलाशानंद को सनातन की संत संस्कृति और निरंजनी अखाड़े की परंपरा का ज्ञान नहीं है। मॉडल को भगवा वस्त्र में शाही सवारी कराकर उन्होंने परंपरा को धूमिल किया है।
उन्होंने अखाड़ा परिषद और निरंजनी अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत रवींद्र पुरी से मिलकर स्वामी कैलाशानंद को आचार्य महामंडलेश्वर के पद से हटाने और अखाड़े से बाहर करने का आग्रह किया है। बकौल शांभवी पीठाधीश्वर, हर्षा की मां किरन रिछारिया ने उन्हें सुबह फोन पर बताया कि अगले माह उनकी बेटी की शादी होने वाली है। अपने जीते जी वह उसे कभी संन्यास नहीं लेने दे सकतीं। स्वामी आनंद स्वरूप का कहना है कि जिस मॉडल की महीने भर बाद ही शादी होने वाली हो, उसे संन्यासिनी बनाकर महाकुंभ में प्रचारित करने की छूट किसी को नहीं दी जा सकती।

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जो युवती यही नहीं तय कर पाई कि उसे संन्यास की दीक्षा लेनी है या शादी करनी है, उसे संतों के शाही रथ पर जगह देना उचित नहीं है। श्रद्धालु के तौर पर शामिल होती तब भी ठीक था, लेकिन भगवा कपड़े में रथ पर बिठाना पूरी तरह गलत है। -स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, शंकराचार्य, ज्योतिष्पीठ


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रिछारिया के समर्थन में आए अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी
प्रयागराज। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रवींद्र पुरी मॉडल हर्षा रिछारिया के समर्थन में हैं। कहा, हर्षा उनकी बेटी के समान है। उनके भगवा वस्त्र पहनने पर किसी को एतराज नहीं होना चाहिए। ऐसा नहीं है कि भगवा वस्त्र सिर्फ संत या संन्यासी ही पहन सकते हैं। महाकुंभ में आकर सनातन धर्म को समझने और प्रवास करने वाले युवक-युवतियों को प्रोत्साहित करना चाहिए। इससे सनातन को मजबूती ही मिलेगी। ब्यूरो
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