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कुलपति हांगलू के समर्थन में उतरे इविवि शिक्षक
Mon, 04 Feb 2019 12:09 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 04 Feb 2019 12:09 AM IST
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शिक्षक
- फोटो : demo
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) और संघटक कॉलेजों के शिक्षकों ने कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू का पक्ष रखने के लिए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री से मिलने का वक्त मांगा है। रविवार को इविवि में शिक्षकों की बैठक भी हुई। इसमें केंद्रीय विज्ञान एवं तकनीकी मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के प्रति आभार जताया गया, क्योंकि उन्होंने शिक्षकों की बात उचित फोरम तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है।
बैठक के दौरान शिक्षकों ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा निरर्थक एवं आधारहीन आरोपों की जांच के लिए कुलपति को छुट्टी पर भेजने के लिए राष्ट्रपति से अनुमोदन मांगने की निंदा की। साथ ही शिक्षकों ने राष्ट्रपति से इस फाइल को विश्वविद्यालय के हित में बिना किसी प्रकार की कार्रवाई के वापस करने और विश्वविद्यालयों के कार्यों में एमएचआरडी का अनावश्यक हस्तक्षेप बंद करने का अनुरोध किया।
निर्णय लिया गया कि छह फरवरी के बाद शिक्षक दिल्ली जाकर सांसदों एवं मंत्रियों से मिलकर अपनी बात रखेंगे। साथ ही आगे की रणनीति पर पांच फरवरी को बैठक कर विचार किया जाएगा। बैठक में ऑटा अध्यक्ष प्रो. राम सेवक दुबे, महासिचव प्रो. शिव मोहन प्रसाद, ऑक्टा अध्यक्ष डॉ. एसपी सिंह, महासचिव डॉ. उमेश प्रताप सिंह, प्रो. जगदंबा सिंह, प्रो. हर्ष कुमार, प्रो. रामेंद्र कुमार सिंह, प्रो. आरके सिंह, डॉ. राकेश सिंह, डॉ. अमित सिंह, डॉ. अजय सिंह, डॉ. दुर्गेश नंदन त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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बैठक के दौरान शिक्षकों ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा निरर्थक एवं आधारहीन आरोपों की जांच के लिए कुलपति को छुट्टी पर भेजने के लिए राष्ट्रपति से अनुमोदन मांगने की निंदा की। साथ ही शिक्षकों ने राष्ट्रपति से इस फाइल को विश्वविद्यालय के हित में बिना किसी प्रकार की कार्रवाई के वापस करने और विश्वविद्यालयों के कार्यों में एमएचआरडी का अनावश्यक हस्तक्षेप बंद करने का अनुरोध किया।
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निर्णय लिया गया कि छह फरवरी के बाद शिक्षक दिल्ली जाकर सांसदों एवं मंत्रियों से मिलकर अपनी बात रखेंगे। साथ ही आगे की रणनीति पर पांच फरवरी को बैठक कर विचार किया जाएगा। बैठक में ऑटा अध्यक्ष प्रो. राम सेवक दुबे, महासिचव प्रो. शिव मोहन प्रसाद, ऑक्टा अध्यक्ष डॉ. एसपी सिंह, महासचिव डॉ. उमेश प्रताप सिंह, प्रो. जगदंबा सिंह, प्रो. हर्ष कुमार, प्रो. रामेंद्र कुमार सिंह, प्रो. आरके सिंह, डॉ. राकेश सिंह, डॉ. अमित सिंह, डॉ. अजय सिंह, डॉ. दुर्गेश नंदन त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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