अंधविश्वास: सर्पदंश से मृत किशोर का शव दो दिन तक रखकर तंत्र-मंत्र से जिंदा करने की कोशिश, शव से उठी दुर्गंध तो भाग खड़ा हुआ तांत्रिक
चायल तहसील के बलीपुर टाटा निवासी प्रीतम उर्फ पप्पू सेन गांव के ही चौराहे पर सैलून की दुकान चलाता है। दुकान में उसके साथ उसका 16 वर्षीय बेटा अंकित सेन भी काम करता था।
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देश जहां तरक्की की नित्य ऊंचाइयों की बुलंदी छू रहा है, वहीं जिले के लोग अब भी अंधविश्वास के मकड़जाल से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। चरवा कोतवाली के बलीपुर टाटा गांव में ऐसा ही एक मामला सामने आया। जहां दो दिन पहले सर्पदंश से मृत किशोर के शव को जिंदा करने की आस में उसकी लाश दो दिन तक तमाशा बनी रही।
बुधवार को जब शव से दुर्गंध उठने लगी तो परिवार के लोगों ने सारी उम्मीद खो दी। इस बीच झांड़-फूंक के सहारे किशोर को जिंदा करने का दावा करने वाला तांत्रिक मौके से भाग निकला। दोपहर बाद शोकाकुल माहौल में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बगैर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
चायल तहसील के बलीपुर टाटा निवासी प्रीतम उर्फ पप्पू सेन गांव के ही चौराहे पर सैलून की दुकान चलाता है। दुकान में उसके साथ उसका 16 वर्षीय बेटा अंकित सेन भी काम करता था। सोमवार को दुकान बंद करके पिता-पुत्र घर लौटे। खाना खाने के बाद परिवार के सभी सदस्य सो गए। देर रात अंकित को सर्प ने डंस लिया। जानकारी होने पर अंकित ने शोर मचाया तो परिवार के लोगों को घटना की जानकारी हुई।