श्री श्री रविशंकर बोले : भारतीय संस्कृति का दिव्य प्रतीक है परमार्थ त्रिवेणी पुष्प
परमार्थ निकेतन शिविर में श्री श्री रविशंकर ने भारतीय संस्कृति के अद्वितीय तत्वों के विषय पर चर्चा की। उन्होंने परमार्थ त्रिवेणी पुष्प का दर्शन करते हुए कहा कि यह भारतीय संस्कृति का दिव्य प्रतीक है। यह वास्तव में भारतीय संस्कृति का अद्भुत केंद्र बनकर उभरा है।
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परमार्थ निकेतन शिविर में श्री श्री रविशंकर ने भारतीय संस्कृति के अद्वितीय तत्वों के विषय पर चर्चा की। उन्होंने परमार्थ त्रिवेणी पुष्प का दर्शन करते हुए कहा कि यह भारतीय संस्कृति का दिव्य प्रतीक है। यह वास्तव में भारतीय संस्कृति का अद्भुत केंद्र बनकर उभरा है।
श्री श्री रविशंकर के परमार्थ त्रिवेणी पुष्प में पधारने पर साध्वी भगवती सरस्वती ने उन्हें पूरे परिसर का भ्रमण कराया। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने परमार्थ त्रिवेणी पुष्प में निर्मित दिव्य कृतियों का दिव्य दर्शन कराया।
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि भारत एक ऐसी भूमि है, जहां की संस्कृति, परंपराएं और आध्यात्मिकता न केवल हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न अंग हैं, बल्कि वे हमारे अस्तित्व के हर पहलू को गहराई से प्रभावित करती हैं।
साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि महाकुंभ एक ऐसा दिव्य और अद्भुत अवसर है, जब लाखों श्रद्धालु एक साथ आकर धार्मिक और आध्यात्मिक उन्नति के लिए प्रयासरत होते हैं। यह ऐसा पर्व है, जो न केवल भौतिक, बल्कि मानसिक और आत्मिक शुद्धता का भी प्रतीक है। इस अवसर पर आचार्य दीपक शर्मा, गंगा नंदनी त्रिपाठी, अरुण सारस्वत, निवृति, आईसी अग्रवाल, परमार्थ गुरुकुल के ऋषिकुमार उपस्थिति रहे। सभी ने श्री श्री रविशंकर का स्वागत किया।