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SIR Prayagraj : किसी की दो से बढ़कर हो गईं आठ संतानें तो कोई पुत्र अपने पिता से सिर्फ पांच वर्ष छाेटा
Sat, 31 Jan 2026 01:15 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 31 Jan 2026 01:15 PM IST
सार
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में तार्किक विसंगतियों ने प्रशासन का काम बढ़ा दिया है।
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मतदाता सूची
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में तार्किक विसंगतियों ने प्रशासन का काम बढ़ा दिया है। किसी की दो संतानें हैं लेकिन ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में संतानों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है तो कहीं पिता-पुत्र की उम्र में केवल पांच वर्ष का अंतर है। वोटर लिस्ट में पिता की उम्र 40 तो बेटे की 35 साल दर्ज है।तार्किक विसंगति के 7.75 लाख मामले सामने आए हैं, जिनकी मैपिंग में गड़बड़ी हुई और सॉफ्टवेयर ने उन गड़बड़ियों को पकड़ लिया।
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इन सभी वोटरों को नोटिस जारी किए जाएंगे ताकि मतदाताओं से आवश्यक दस्तावेज लेकर त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार की जा सके। नोटिस जारी करने व दस्तावेज प्राप्त करने की प्रक्रिया क्या होगी, इसके लिए प्रशासन को निर्वाचन आयोग से दिशा-निर्देश मिलने का इंतजार है।फिलहाल, प्रशासन का पूरा ध्यान नो मैपिंग श्रेणी में चिह्नित उन दो लाख 87 हजार 612 वोटराें पर है जिनके स्वयं के नाम और उनके सगे संबंधियों (माता, पिता, दादा, दादी) के नाम 2003 की वोटर लिस्ट में नहीं हैं और इसकी वजह से इन वोटरों की मैपिंग रुकी है।
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इनमें से अब तक एक लाख से अधिक वोटरों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। लेकिन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के समक्ष सुनवाई के लिए अब तक सिर्फ 12 हजार के आसपास ही वोटर उपस्थित हो सके हैं। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने बृहस्पतिवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनसे सहयोग की अपील की।
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इस दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने नो मैपिंग में चिह्नित वोटरों की बूथवार सूची देने की मांग की ताकि ऐसे वोटरों तक आसानी से पहुंचकर उन्हें सुनवाई में उपस्थित होने के लिए प्रेरित किया जा सके। कुछ प्रतिनिधियों ने बताया कि कुछ मामलों में वोटर को 27 जनवरी को नोटिस मिला और उसकी सुनवाई की तिथि 28 जनवरी निर्धारित थी जबकि बताया जा रहा कि नोटिस जारी होने से सुनवाई के लिए एक हफ्ते का समय मिलेगा।
कुछ प्रतिनिधियों ने बताया कि कई जगह परिवार के सभी सदस्य घर पर ताला लगा किसी समारोह में शामिल होने या अन्य कार्य से बाहर गए हुए हैं। ऐसे में उन्हें नोटिस नहीं मिल सका है तो यदि सुनवाई की तिथि बीत जाती है तो क्या होगा। इस पर डीएम ने कहा कि ऐसे मामलों में सुनवाई का एक मौका और दिया जाएगा, लेकिन नोटिस प्राप्त होने के बाद वोटर या उनके परिवार का कोई भी सदस्य सुनवाई के लिए दस्तावेजों के साथ निर्धारित तिथि पर ही उपस्थित हों।