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दिखा चांद, शुरू हुए रोजे
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 07 Jun 2016 02:06 AM IST
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चांद देखते लाेग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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तमाम फजीलतें लेकर शाबान की 29 वीं शब यानी सोमवार को ही माहे मुकद्दस रमजान का चांद नजर आया। सुन्नी मरकजी रुयते हिलाल कमेटी कदीम के शहर काजी मुफ्ती शफीक अहमद शरीफी के मुताबिक सोमवार को रमजान का चांद आमतौर पर नजर आया। ऐसे में पहला रोजा मंगलवार को होगा। वहीं शिया जामा मस्जिद चक के इमाम जुमा व जमात मौलाना सैयद हसन रजा ने कहा, रमजान मुबारक का चांद नजर आया ऐसे में पहला रोजा मंगलवार को रखा जाएगा।
शाम से जामा मस्जिद चौक और शहर की दूसरी बड़ी इमारतों में चांद देखने का इंतजाम किया गया था। शाम से पहले ही लोग चांद देखने को बेताब थे। मुबारक चांद जैसे ही नजर आया लोगों के चेहरे खिल उठे। तमाम रोजेदारों ने एक-दूसरे को चांद देखने की मुबारकबाद दी। इसी के साथ चौक, नखासकोहना, अटाला, दरियाबाद, करेली, कीडगंज, खुल्दाबाद सहित तमाम बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई। चांद रात को लोगों ने सहरी के लिए सूतफेनी, पाव, ब्रेड आदि खाने-पीने की चीजें खरीदी। चौक नखासकोहना, अटाला, करेली, नुरुल्लाह रोड, गौसनगर आदि बाजारों से लोगों ने इफ्तार के लिए जरूरी चीजें भी खरीदी। सब्जीमंडी, नखासकोहना अटाला के बाजारों में खजूर के खरीददारों की भीड़ लगी रही।
तरावीह में मशगूल हुईं मस्जिदें
इलाहाबाद। रमजान का चांद दिखने के साथ ही शहर की तमाम मस्जिदों, इबादतगाहों में तरावीह का सिलसिला शुरू हुआ। रोजे अता करने के लिए खुदा का शुक्रिया अदा करते हुए तमाम नमाजी मस्जिदों, इबादतगाहों की ओर चले। काबिल मौलाना की देखरेख में तरावीह शुरू हुई। तरावीह पढ़कर लौटने के बाद लोग जगह जगह रुककर रोजे और रमजान की तैयारियों के बारे में चर्चा में मशगूल रहे। अलग-अलग मस्जिदों में तरावीह का अलग-अलग समय है। कहीं तरावीह तीन दिनों में ही पूरी होगी तो कहीं यह सिलसिला पूरे 27 दिनों तक चलेगा। नमाजी अपने वक्त और कार्यक्रम के मुताबिक तरावीह पूरी करेंगे।
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शाम से जामा मस्जिद चौक और शहर की दूसरी बड़ी इमारतों में चांद देखने का इंतजाम किया गया था। शाम से पहले ही लोग चांद देखने को बेताब थे। मुबारक चांद जैसे ही नजर आया लोगों के चेहरे खिल उठे। तमाम रोजेदारों ने एक-दूसरे को चांद देखने की मुबारकबाद दी। इसी के साथ चौक, नखासकोहना, अटाला, दरियाबाद, करेली, कीडगंज, खुल्दाबाद सहित तमाम बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई। चांद रात को लोगों ने सहरी के लिए सूतफेनी, पाव, ब्रेड आदि खाने-पीने की चीजें खरीदी। चौक नखासकोहना, अटाला, करेली, नुरुल्लाह रोड, गौसनगर आदि बाजारों से लोगों ने इफ्तार के लिए जरूरी चीजें भी खरीदी। सब्जीमंडी, नखासकोहना अटाला के बाजारों में खजूर के खरीददारों की भीड़ लगी रही।
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तरावीह में मशगूल हुईं मस्जिदें
इलाहाबाद। रमजान का चांद दिखने के साथ ही शहर की तमाम मस्जिदों, इबादतगाहों में तरावीह का सिलसिला शुरू हुआ। रोजे अता करने के लिए खुदा का शुक्रिया अदा करते हुए तमाम नमाजी मस्जिदों, इबादतगाहों की ओर चले। काबिल मौलाना की देखरेख में तरावीह शुरू हुई। तरावीह पढ़कर लौटने के बाद लोग जगह जगह रुककर रोजे और रमजान की तैयारियों के बारे में चर्चा में मशगूल रहे। अलग-अलग मस्जिदों में तरावीह का अलग-अलग समय है। कहीं तरावीह तीन दिनों में ही पूरी होगी तो कहीं यह सिलसिला पूरे 27 दिनों तक चलेगा। नमाजी अपने वक्त और कार्यक्रम के मुताबिक तरावीह पूरी करेंगे।
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