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‘शुक्राना’ के लिए शीश नवाने पक्की संगत आए तलवार दंपति
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 27 Feb 2018 12:58 AM IST
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- फोटो : राजन राय
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चर्चित आरुषि हत्याकांड में बरी होने के बाद डॉ.राजेश तलवार और नूपुर तलवार ने सोमवार को अहियापुर स्थित गुरुस्थान पक्की संगत में हाजिरी लगाई। उन्होंने गुरु दरबार में माथा टेकने के बाद गुरु महाराज का ‘शुक्राना’ अदा किया। फिर गुरु और संतों का आशीष लेकर लौट गए। तलवार दंपति के साथ डॉ.राजेश के भाई और सिंगापुर रह रहे उनके मित्र सरदार सतेंद्र सिंह भी नोएडा से उनके संग इलाहाबाद आए थे।
दरअसल इलाहाबाद हाईकोर्ट में आरुषि हत्याकांड की सुनवाई के दौरान जब डॉ.राजेश तलवार और उनके मित्र सरदार सत्येंद्र सिंह इलाहाबाद आए थे तो सरदार सत्येंद्र सिंह ने ही गुरुद्वारा पक्की संगत जाकर तलवार दंपति की रिहाई के लिए मन्नत मांगी थी। ऐेसे में मन्नत पूरी हुई तो वह तलवार दंपति को लेकर गुरुद्वारा पक्की संगत पहुंचे। इससे पहले शुक्राना के तहत गुरु दरबार को फूलों से सजाया गया। अखंड पाठ के बाद हजूरी रागी जत्था भाई जसवीर सिंह और श्री गुरुसिंह सभा के हजूरी रागी जत्था भाई अमरजीत सिंह ने शबद कीर्तन किया।
निर्मल पंचायती अखाड़ा के सचिव महंत देवेंद्र सिंह शास्त्री ने गुरु की महिमा बखानी और तलवार दंपति को आशीष दिया। हेड ग्रंथी ज्ञानी निशान सिंह ने गुरु की महिमा बखानी। पक्की संगत के महंत ज्ञान सिंह ने अरदास के बाद तलवार दंपति, सरदार सत्येंद्र सिंह और डॉ.तलवार के भाई को सरोपा भेंट किया। अखंड पाठ, कथा-कीर्तन में शामिल होने सहित तलवार दंपति की ओर से गुरु दरबार में लंगर भी आयोजित किया गया जिसमें बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
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दरअसल इलाहाबाद हाईकोर्ट में आरुषि हत्याकांड की सुनवाई के दौरान जब डॉ.राजेश तलवार और उनके मित्र सरदार सत्येंद्र सिंह इलाहाबाद आए थे तो सरदार सत्येंद्र सिंह ने ही गुरुद्वारा पक्की संगत जाकर तलवार दंपति की रिहाई के लिए मन्नत मांगी थी। ऐेसे में मन्नत पूरी हुई तो वह तलवार दंपति को लेकर गुरुद्वारा पक्की संगत पहुंचे। इससे पहले शुक्राना के तहत गुरु दरबार को फूलों से सजाया गया। अखंड पाठ के बाद हजूरी रागी जत्था भाई जसवीर सिंह और श्री गुरुसिंह सभा के हजूरी रागी जत्था भाई अमरजीत सिंह ने शबद कीर्तन किया।
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निर्मल पंचायती अखाड़ा के सचिव महंत देवेंद्र सिंह शास्त्री ने गुरु की महिमा बखानी और तलवार दंपति को आशीष दिया। हेड ग्रंथी ज्ञानी निशान सिंह ने गुरु की महिमा बखानी। पक्की संगत के महंत ज्ञान सिंह ने अरदास के बाद तलवार दंपति, सरदार सत्येंद्र सिंह और डॉ.तलवार के भाई को सरोपा भेंट किया। अखंड पाठ, कथा-कीर्तन में शामिल होने सहित तलवार दंपति की ओर से गुरु दरबार में लंगर भी आयोजित किया गया जिसमें बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
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