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seminar : नई शिक्षा नीति में शिक्षक की स्थिति दिहाड़ी मजदूर पैदा करने वाले की - प्रोफेसर चौथीराम
Mon, 23 May 2022 12:45 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 23 May 2022 12:45 AM IST
सार
प्रो. चौथीराम यादव को वर्ष -2020 और प्रो. राजेंद्र कुमार को वर्ष-2021 के शारदा देवी शिक्षक सम्मान से नवाजा गया। इस मौके पर प्रो.चौथीराम का कहना था कि शिक्षक होना बड़ी बात है। उससे भी बड़ी बात है मनुष्यता। यही सबसे बड़ी पूंजी है।
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Prayagraj News : सम्मान समारोह में उपस्थित अतिथिगण।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
नई शिक्षा नीति में शिक्षकों की स्थिति दिहाड़ी मजदूर पैदा करने वाले की होगी। मौजूदा समय उच्च शिक्षा में करीब 50 हजार संस्थाएं हैं, जो 2032 तक घटकर महज 12,300 रह जाएंगी। प्राथमिक और सार्वजनिक शिक्षा में धन की कटौती की जा रही है। शिक्षा के निजीकरण का सबसे बुरा असर गरीबों पर पड़ेगा। इससे अमीर-गरीब के बीच खाई और गहरी होगी।
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ये बातें प्रो. प्रणय कृष्ण ने शारदा देवी शिक्षक सम्मान के मौके पर आयोजित आज के दौर में शिक्षा की चुनौतियां विषयक परिचर्चा में कहीं। यह कार्यक्रम सेंट जोसफ कॉलेज के होगन हॉल में आयोजित किया गया। प्रो. चौथीराम यादव को वर्ष -2020 और प्रो. राजेंद्र कुमार को वर्ष-2021 के शारदा देवी शिक्षक सम्मान से नवाजा गया। इस मौके पर प्रो.चौथीराम का कहना था कि शिक्षक होना बड़ी बात है। उससे भी बड़ी बात है मनुष्यता। यही सबसे बड़ी पूंजी है।
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प्रो. राजेंद्र कुमार ने कहा कि अध्यापक ऐसा हो जो सबके लिए प्रेरणा बन सके। इससे पहले समारोह का आरंभ संध्या नवोदिता के स्वागत भाषण से हुआ। विशिष्ट वक्त प्रो. आशीष त्रिपाठी और डॉ. संजय श्रीवास्तव ने भी विचार व्यक्त किए। अध्यक्षता जीपी मिश्र ने की। डॉ. पद्मा सिंह ने शारदा देवी का परिचय दिया। बताया कि वह सामाजिक रूप से बहुत सक्रिय तथा गरीब छात्राओं की शिक्षा के लिए विशेष प्रयास करने वाली शिक्षिका थीं, जिन्हें राज्यपाल सम्मान दिया गया था।
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मानपत्र का वाचन डॉ. वसंत त्रिपाठी और डॉ. मनोज कुमार सिंह ने किया। स्वागत गीत इशिता सोनी और नजराना ने प्रस्तुत किया। संचालन डॉ. लक्ष्मण प्रसाद गुप्त ने किया और आभार जताया गायत्री गांगुली ने। इस मौके पर इरफान अली, खुर्शीद अनवर, केके राय, हरीश चंद्र द्विवेदी, आनंद मालवीय, प्रकर्ष मालवीय, विश्वेश राजरत्नम,विवेक निराला, सूर्यनारायण, कुमार वीरेंद्र, अलका प्रकाश, अंकित पाठक, शरत चंद्र श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।