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Prayagraj News: रामचंद्र की गहरे समुद्र में तलाश... परिजनों का आरोप, दूतावास से नहीं मिल रही मदद

Thu, 30 Jul 2026 02:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज Updated Thu, 30 Jul 2026 02:10 AM IST
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Search for Ramchandra in the deep sea... Family alleges lack of assistance from the embassy
नई दिल्ली में सांसद मनोज तिवारी से मिलकर यूक्रेन में लापता झूंसी के रामचंद्र दुबे के बारे में प
यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर वाणिज्यिक जहाज पर रूस के हमले के बाद लापता दो भारतीयों में से एक झूंसी के नीबी कला के रामचंद्र दुबे (23) का छह दिन बाद भी सुराग नहीं लग सका है। बेटे की कोई सूचना न मिलने से बूढ़े माता-पिता का बुरा हाल है। परिजनों का आरोप है कि दूतावासों से कोई मदद नहीं मिल रही है। यूक्रेन दूतावास से सिर्फ यह बताया गया कि गहरे समुद्र में उनकी तलाश चल रही है। इसके अलावा कुछ नहीं पता।
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रामचंद्र के छोटे भाई कृष्णदास और चचेरे भाई मुक्तेश्वर दुबे ने बताया कि वह दो दिन से नई दिल्ली में यूक्रेन दूतावास के चक्कर लगा रहे हैं। सोमवार को रिसेप्शन पर मौजूद कर्मचारी ने कहा था कि शिकायत बॉक्स में पत्र डाल दीजिए। जानकारी मिलने पर संपर्क किया जाएगा। मंगलवार को वे फिर दूतावास गए तो कोई खास मदद नहीं मिली। वहां कोई ठीक से बात करने को तैयार नहीं है। इसके बाद उन्होंने किसी तरह भारतीय दूतावास से संपर्क किया। वहां सिर्फ इतना बताया गया कि ऊपरी हिस्से के बाद अब गहरे समुद्र में उनकी तलाश की जा रही है।
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सांसद प्रवीण पटेल व मनोज तिवारी से की मुलाकात

रामचंद्र के भाइयों ने बुधवार को नई दिल्ली में फूलपुर के सांसद प्रवीण पटेल से मुलाकात की। पूरा घटनाक्रम बताया। सांसद ने भरोसा दिया कि वे भारतीय और यूक्रेन दूतावास से संपर्क कर रामचंद्र की तलाश में पूरी मदद कर करेंगे। इसके बाद परिजनों ने दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी से संपर्क किया। उन्होंने भी मदद का भरोसा दिया। परिजनों का कहना है कि ज्यादा दिन बीतने पर चिंता सता रही है। उन्हें यह नहीं पता चल पा रहा कि बेटे की तलाश के लिए वहां क्या उपाय अपनाए जा रहे हैं।
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बेटे को याद कर बिलख पड़ते हैं माता-पिता
बेटे रामचंद्र को यादकर मां कल्पना दुबे पूरा दिन बिलखती रहती हैं। सेना से सेवानिवृत्त पिता रमेश दुबे गुमसुम रहते हैं। उनकी बेटे आखिरी बार बात हादसे से एक दिन पहले 24 जुलाई को हुई थी। तब रामचंद्र ने कहा था कि मां यहां सब ठीक है। आप अपना और पिताजी का ख्याल रखना। दो महीने बाद मिलता हूं।

यह है घटनाक्रम
रामचंद्र डारलो नामक कंपनी के जहाज से फरवरी 2025 में रवाना हुए थे। वह आठ सदस्यीय क्रू टीम में शामिल थे। तब से वह लगातार जहाज पर ही थे। 25 जुलाई को रूस के ड्रोन हमले के बाद जान बचाने के लिए रामचंद्र दुबे और रायबरेली के दिलीप गुप्ता ने समुद्र में छलांग लगा दी थी। तब से दोनों लापता हैं। 26 जुलाई को छोटी बहन सीमाक्षी दुबे को कंपनी के नोएडा कार्यालय से रामचंद्र के लापता होने की सूचना मिली।

नई दिल्ली में सांसद मनोज तिवारी से मिलकर यूक्रेन में लापता झूंसी के रामचंद्र दुबे के बारे में प

नई दिल्ली में सांसद मनोज तिवारी से मिलकर यूक्रेन में लापता झूंसी के रामचंद्र दुबे के बारे में प

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