डॉ. लालजी निर्मल बोले : एससी बहुल गांवों में स्वरोजगार के लिए बनेगा क्लस्टर, हर लाभार्थी को मिलेंगे 50-50 हजार
अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की योजना के तहत पात्रों को स्वरोजगार के लिए 10 हजार रुपये अनुदान के रूप में दिए जाते थे। शहरी क्षेत्र में लाभ उन्हीं को मिलता था जिनकी वार्षिक आय 56460 रुपये से अधिक न हो।
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अनुसूचित जाति के लोगों के लिए अपना रोजगार शुरू करना और सुलभ होगा। केंद्र सरकार की ओर से अनुसूचित जाति अभ्युदय (पीएम-अजय) योजना की शुरुआत की गई है। इसके तहत 50 फीसदी से अधिक आबादी वाले गांवों में क्लस्टर बनाकर छोटे उद्योग शुरू किए जाएंगे। इसमें प्रति लाभार्थी 50-50 हजार रुपये अनुदान के रूप में दिए जाएंगे।
अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की योजना के तहत पात्रों को स्वरोजगार के लिए 10 हजार रुपये अनुदान के रूप में दिए जाते थे। शहरी क्षेत्र में लाभ उन्हीं को मिलता था जिनकी वार्षिक आय 56460 रुपये से अधिक न हो। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह सीमा 46080 रुपये थी। उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष डॉ.लालजी प्रसाद निर्मल ने बुधवार को प्रेसवार्ता में बताया कि नई योजन में वार्षिक आय की सीमा खत्म कर दी गई है। हालांकि, जिनकी वार्षिक आय ढाई लाख रुपये से कम है उन्हें वरियता दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि अब व्यक्तिपरक योजनाओं को बंद किया जा रहा है। इसलिए नई योजना में न्यूनतम 10 पात्रों का एक क्लस्टर बनाया जाएगा। अधिकतम की कोई सीमा नहीं है। एक क्लस्टर में शामिल अनुसूचित जाति के लोग संबंधित गांव में एक तरह का रोजगार शुरू कर सकेंगे। प्रत्येक को 50-50 रुपये अनुदान के रूप में दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जिन गांवों में अनुसूचित जाति के लोगों की संख्या 50 फीसदी से अधिक है, वहां उद्योग के लिए जमीन भी उपलब्ध कराई जाएगी। प्रेसवार्ता के दौरान मौजूद जिला समाज कल्याण अधिकारी त्रिनेत्र सिंह ने बताया कि हर ब्लॉक में क्लस्टर का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में अध्यक्ष ने बताया कि अनुसूचित जाति के छात्रावासों के मरम्मत तथा सुविधाएं बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। नए छात्रावास भी बनाए जाएंगे। इसके तहत जिले के चार छात्रावासों के मरम्मत आदि के लिए प्रस्ताव मांगे गए हैं। अध्यक्ष ने बताया कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत अनुसूचित जाति के 50 फीसदी से अधिक आबादी वाले प्रदेश में 6171 गांव चिह्नित किए गए हैं। इनमें से 133 प्रयागराज में चिह्ति किए गए हैं। इनमें से 16 गांवों में निर्माण कार्य के लिए 20-20 लाख रुपये दिए गए हैं। इससे पहले अध्यक्ष ने इन योजनाओं की समीक्षा भी की एवं जरूरी निर्देश दिए।
एससी के लिए बनीं दुकानों में शुरू कर दी शराब की बिक्री
सोरांव बाजार में अनुसूचित जाति के लोगों के लिए बनीं दुकानों में शराब की बिक्री भी शुरू कर दी गई है। उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष डॉ.लालजी प्रसाद निर्मल ने बुधवार को निरीक्षण के दौरान यह गड़बड़ी पकड़ी। डॉ.निर्मल ने बताया कि बाजार में 26 दुकानें हैं। कुछ में अवैध कब्जा भी हो गया है। डीएम से बात करके शराब की दुकान का लाइसेंस निरस्त करने तथा दुकानों से अवैध कब्जा हटाए जाने के लिए कहा गया है।
किन्नरों के पहचान पत्र के लिए संगम नगरी से हुई कैंप की शुरुआत
किन्नरों के पहचान एवं प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कैंप की शुरुआत बुधवार को संगम नगरी से हुई। विकास भवन में आयोजित कैंप में आठ किन्नों ने इसके लिए पंजीकरण भी कराया। उत्तर प्रदेश किन्नर कल्याण बोर्ड की ओर से ट्रांसजेंडर के लिए प्रमाण पत्र बनाने की योजना शुरू की गई है। इसी के तहत पंजीकरण के लिए पहला कैंप लगाया गया। कैंप में उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष डॉ.लालजी प्रसाद निर्मल, बोर्ड की सदस्य महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरी (टीना मां), वैष्णवी नंद, शीतला प्रसाद श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।