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गंगा की सफाई के लिए यूपी को 7000 करोड़ रुपये देगा केंद्र
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 09 Apr 2017 01:43 AM IST
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केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती
- फोटो : amar ujala
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केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने कहा कि केंद्र सरकार गंगा की सफाई के लिए यूपी को नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत 7000 करोड़ रुपये देगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्य कोे सिंचाई परियोजनाओं के लिए 15 से 20 हजार करोड़ रुपये भी देगी। शनिवार को उमा भारती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर तमाम मुद्दों पर चर्चा कर कार्ययोजना बनाने के लिए कहा। वहीं देर शाम उमा ने इलाहाबाद में भी संवाददाताओं से बातचीत की। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के लिए फांसी पर भी लटकने को तैयार हूं।
लखनऊ से उमा भारती इलाहाबाद पहुंचीं। इलाहाबाद में उमा डिजिटल मेले में शिरकत करने पहुंची थीं। उन्होंने भरोसा जताया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गंगा की सफाई, सिंचाई परियोजनाओं का काम तेज गति से पूरा होगा। मुख्यमंत्री से शनिवार को मुलाकात के बाद केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री से गंगा और उसकी सहायक यमुना, रामगंगा, काली नदी की निर्मलता की अवधारणा पर चर्चा की। यूपी की सिंचाई एआईवीपी और पीएमएसवाई के सिंचाई प्रोजेक्ट पर भी चर्चा की है। सिंचाई परियोजना के लिए मुख्यमंत्री ने 15 दिन में रिपोर्ट भेजने का आश्वासन दिया है। उमा ने कहा कि अखिलेश सरकार ने गंगा के मामले में छल किया। केंद्र सरकार के साथ बैठक में सभी बातें तय होने के बाद एनओसी जारी नहीं की। उन्होंने कहा कि पानी के लिए केंद्र सरकार थैलियां खोलकर बैठी है। सिंचाई विभाग, कृषि विभाग और पेयजल स्वच्छता का विभाग को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्देश दिए हैं कि पेयजल का संकट नहीं आने देना है।
केंद्रीय मंत्री ने पत्रकारों से कहा कि मुख्यमंत्री योगी और वे स्वयं राम मंदिर से अजनबी नहीं हैं। अयोध्या का मसला राज्य का प्रभावी विषय है, मामला सुप्रीम कोर्ट में है। दोनों पक्ष अपनी बात रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरी आस्था है कि अयोध्या में जल्द भव्य राम मंदिर का निर्माण हो। राम मंदिर निर्माण के लिए जेल जाना पड़े तो जाऊंगी, फांसी पर लटकना पड़े तो भी तैयार हैं।
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उमा ने कहा कि गंगा, यमुना, रामगंगा और काली पर 7 जुलाई को काम शुरू हो गया था। लेकिन उसके बाद एनजीटी ने रोक लगा दी थी, फिर अखिलेश सरकार ने एनओसी जारी नहीं की। एनजीटी के साथ 11 अप्रैल को सुनवाई होगी, इसमें यूपी सरकार अपना पक्ष रखेगी। बहुत सारे काम अब राज्य सरकार को सौंपे जाएंगे। एसटीपी को दो वर्ष का समय लगता है, घाट निर्माण महीनों में पूरा हो जाएगा। अक्तूबर 2018 तक काम पूरा होना है।
उमा ने कहा कि मुस्लिम समाज में शादी एक करार है, ट्रिपल तलाक एक व्यवस्था है। कॉन्ट्रेक्ट कभी धर्म का विषय नहीं होता। वह कानून व समाज का विषय होता है। कानून, सरकार और समाज चाहें तो व्यवस्था में बदलाव कर सकते हैं। कहा कि वे ट्रिपल तलाक को महिलाओं और मानवता के विरुद्ध मानती हैं। जल्द इसका समाधान कर रास्ता निकल जाएगा।
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लखनऊ से उमा भारती इलाहाबाद पहुंचीं। इलाहाबाद में उमा डिजिटल मेले में शिरकत करने पहुंची थीं। उन्होंने भरोसा जताया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गंगा की सफाई, सिंचाई परियोजनाओं का काम तेज गति से पूरा होगा। मुख्यमंत्री से शनिवार को मुलाकात के बाद केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री से गंगा और उसकी सहायक यमुना, रामगंगा, काली नदी की निर्मलता की अवधारणा पर चर्चा की। यूपी की सिंचाई एआईवीपी और पीएमएसवाई के सिंचाई प्रोजेक्ट पर भी चर्चा की है। सिंचाई परियोजना के लिए मुख्यमंत्री ने 15 दिन में रिपोर्ट भेजने का आश्वासन दिया है। उमा ने कहा कि अखिलेश सरकार ने गंगा के मामले में छल किया। केंद्र सरकार के साथ बैठक में सभी बातें तय होने के बाद एनओसी जारी नहीं की। उन्होंने कहा कि पानी के लिए केंद्र सरकार थैलियां खोलकर बैठी है। सिंचाई विभाग, कृषि विभाग और पेयजल स्वच्छता का विभाग को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्देश दिए हैं कि पेयजल का संकट नहीं आने देना है।
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केंद्रीय मंत्री ने पत्रकारों से कहा कि मुख्यमंत्री योगी और वे स्वयं राम मंदिर से अजनबी नहीं हैं। अयोध्या का मसला राज्य का प्रभावी विषय है, मामला सुप्रीम कोर्ट में है। दोनों पक्ष अपनी बात रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरी आस्था है कि अयोध्या में जल्द भव्य राम मंदिर का निर्माण हो। राम मंदिर निर्माण के लिए जेल जाना पड़े तो जाऊंगी, फांसी पर लटकना पड़े तो भी तैयार हैं।
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उमा ने कहा कि गंगा, यमुना, रामगंगा और काली पर 7 जुलाई को काम शुरू हो गया था। लेकिन उसके बाद एनजीटी ने रोक लगा दी थी, फिर अखिलेश सरकार ने एनओसी जारी नहीं की। एनजीटी के साथ 11 अप्रैल को सुनवाई होगी, इसमें यूपी सरकार अपना पक्ष रखेगी। बहुत सारे काम अब राज्य सरकार को सौंपे जाएंगे। एसटीपी को दो वर्ष का समय लगता है, घाट निर्माण महीनों में पूरा हो जाएगा। अक्तूबर 2018 तक काम पूरा होना है।
उमा ने कहा कि मुस्लिम समाज में शादी एक करार है, ट्रिपल तलाक एक व्यवस्था है। कॉन्ट्रेक्ट कभी धर्म का विषय नहीं होता। वह कानून व समाज का विषय होता है। कानून, सरकार और समाज चाहें तो व्यवस्था में बदलाव कर सकते हैं। कहा कि वे ट्रिपल तलाक को महिलाओं और मानवता के विरुद्ध मानती हैं। जल्द इसका समाधान कर रास्ता निकल जाएगा।