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Prayagraj News: नियमावली के इंतजार में अटकी असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती
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राजकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से छह माह पहले उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) को 300 से अधिक पदों का अधियाचन भेजा चुका है लेकिन नियमावली तैयार न होने से भर्ती अटकी हुई है। वहीं, निदेशालय ने असिस्टेंट प्रोफेसर के अन्य रिक्त पदों का आंकड़ा जुटाना भी शुरू कर दिया है।
उच्च शिक्षा निदेशालय ने छह माह पहले राजकीय महाविद्यालयाें में रिक्त पदाें की गणना की थी और इसके बाद शासन के माध्यम से यूपीपीएससी को असिस्टेंट प्रोफेसर के 300 से अधिक पदों पर भर्ती के लिए अधियाचन भी भेज दिया था। अधियाचन यूपीपीएससी को मिल चुका है लेकिन आयोग के कैलेंडर में राजकीय डिग्री कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती को शामिल नहीं किया गया।
आयोग की ओर से बताया गया कि असिस्टेंट प्रोफेसर राजकीय डिग्री कॉलेज स्क्रीनिंग परीक्षा से संबंधित प्रस्तावित नियमावली शासन की ओर से प्रख्यापित की जानी है। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा। इस बीच उच्च शिक्षा निदेशालय ने पोर्टल पर नई रिक्तियों को अपडेट किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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पूर्व में भेजे गए अधियाचन के अतिरिक्त तकरीबन 300 पद और रिक्त होने की संभावना है। महाविद्यालयों में इतनी बड़ी संख्या में पद खाली होने के बावजूद भर्ती अटकी हुई है। इस बार असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में स्क्रीनिंग परीक्षा के अंक भी अभ्यर्थियों के चयन में जोड़े जाएंगे, जबकि पहले केवल इंटरव्यू में मिले अंकों के आधार पर भर्ती होती थी और स्क्रीनिंग परीक्षा सिर्फ अभ्यर्थियों की छंटनी के लिए होती थी।
नई व्यवस्था के तहत पहली बार स्क्रीनिंग परीक्षा के अंकों को भी चयन का आधार बनाया जाएगा। अभ्यर्थियों के चयन में स्क्रीनिंग परीक्षा के 75 फीसदी और इंटरव्यू के 25 फीसदी अंक जोड़े जाएंगे। स्क्रीनिंग परीक्षा से संबंधित नियमावली तैयार होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि परीक्षा का प्रारूप क्या होगा।
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उच्च शिक्षा निदेशालय ने छह माह पहले राजकीय महाविद्यालयाें में रिक्त पदाें की गणना की थी और इसके बाद शासन के माध्यम से यूपीपीएससी को असिस्टेंट प्रोफेसर के 300 से अधिक पदों पर भर्ती के लिए अधियाचन भी भेज दिया था। अधियाचन यूपीपीएससी को मिल चुका है लेकिन आयोग के कैलेंडर में राजकीय डिग्री कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती को शामिल नहीं किया गया।
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आयोग की ओर से बताया गया कि असिस्टेंट प्रोफेसर राजकीय डिग्री कॉलेज स्क्रीनिंग परीक्षा से संबंधित प्रस्तावित नियमावली शासन की ओर से प्रख्यापित की जानी है। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा। इस बीच उच्च शिक्षा निदेशालय ने पोर्टल पर नई रिक्तियों को अपडेट किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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पूर्व में भेजे गए अधियाचन के अतिरिक्त तकरीबन 300 पद और रिक्त होने की संभावना है। महाविद्यालयों में इतनी बड़ी संख्या में पद खाली होने के बावजूद भर्ती अटकी हुई है। इस बार असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में स्क्रीनिंग परीक्षा के अंक भी अभ्यर्थियों के चयन में जोड़े जाएंगे, जबकि पहले केवल इंटरव्यू में मिले अंकों के आधार पर भर्ती होती थी और स्क्रीनिंग परीक्षा सिर्फ अभ्यर्थियों की छंटनी के लिए होती थी।
नई व्यवस्था के तहत पहली बार स्क्रीनिंग परीक्षा के अंकों को भी चयन का आधार बनाया जाएगा। अभ्यर्थियों के चयन में स्क्रीनिंग परीक्षा के 75 फीसदी और इंटरव्यू के 25 फीसदी अंक जोड़े जाएंगे। स्क्रीनिंग परीक्षा से संबंधित नियमावली तैयार होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि परीक्षा का प्रारूप क्या होगा।