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High Court : अब्बास अंसारी को रासुका में राहत, दुबारा बढ़ाई गई हिरासत अवधि का आदेश रद्द

Sun, 04 Feb 2024 05:42 PM IST
विनोद सिंह अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 04 Feb 2024 05:42 PM IST
सार

यह फैसला न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने अब्बास अंसारी की ओर से जिलाधिकारी चित्रकूट द्वारा रासुका के तहत दुबारा बढ़ाई गई हिरासत अवधि की वैधानिकता को चुनौती देने वाली बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका स्वीकार करते हुए सुनाया।

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Relief to Abbas Ansari in Rasuka, order of extended detention period canceled
अब्बास अंसारी - फोटो : सोशल मीडिया।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माफिया मुख्तार अंसारी के विधायक बेटे अब्बास अंसारी की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत हिरासत बढ़ाने के आदेश को रद्द कर दिया है। शुक्रवार को सुनाए गए फैसले में कोर्ट ने कहा कि यदि रासुका के तहत आरोपी की हिरासत निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद उसे दुबारा बढ़ने का राज्य सरकार को कोई हक नही है।

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यह फैसला न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने अब्बास अंसारी की ओर से जिलाधिकारी चित्रकूट द्वारा रासुका के तहत दुबारा बढ़ाई गई हिरासत अवधि की वैधानिकता को चुनौती देने वाली बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका स्वीकार करते हुए सुनाया।
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गौरतलब है कि जिलाधिकारी चित्रकूट ने 18 सितंबर 2023 के आदेश से आरोपी विधायक को रासुका अधिनियम के तहत तीन माह के लिए निरुद्ध करने का आदेश दिया था। जेल में बंद अब्बास अंसारी की तीन माह की हिरासत अवधि पूरी होने के बाद राज्य सरकार की अनुमति से हिरासत अवधि 11 दिसंबर 2023 से दुबारा बढ़ा दी गई। जिले खिलाफ अब्बास अंसारी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

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याची की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता दयाशंकर मिश्रा ने दलील दी कि राज्य सरकार के पास अपने पूर्व के आदेश की समीक्षा करने का अधिकार नहीं है, इसलिए हिरासत की अवधि दुबारा बढ़ाने का आदेश गैरकानूनी है। इस आदेश के आधार पर आरोपी को हिरासत में रखना भी अवैध है।

कोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका स्वीकार करते हुए हुए दुबारा हिरासत अवधि बढ़ाने का आदेश रद्द कर दिया। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि यदि आरोपी किसी अन्य मामले में वांछित न हो तो उसे तत्काल रिहा किया जाए।

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