हाईकोर्ट : शादी का झांसा देकर दुष्कर्म मामले में दरोगा को राहत, चार्जशीट व आपराधिक कार्यवाही रद्द
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोप में घिरे पुलिस निरीक्षक अमित कुमार को राहत दी है। कोर्ट ने आरोपी के खिलाफ दाखिल चार्जशीट और ट्रायल कोर्ट में लंबित आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोप में घिरे पुलिस निरीक्षक अमित कुमार को राहत दी है। कोर्ट ने आरोपी के खिलाफ दाखिल चार्जशीट और ट्रायल कोर्ट में लंबित आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति मदन पाल सिंह की एकल पीठ ने दिया है।
वाराणसी के महिला थाने में आरोपी के खिलाफ वर्ष 2020 में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता युवती ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ संबंध बनाए। युवती का यह भी आरोप था कि आरोपी ने उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया। गर्भवती होने पर जबरन गर्भपात कराने, पहली शादी की बात छिपाने और धमकी देने के आरोप भी लगाए गए थे। आरोपी दरोगा ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर मुकदमे की पूरी कार्यवाही रद्द करने की गुहार लगाई।
याची अधिवक्ता ने दलील दी कि युवती को उसकी पहली शादी की जानकारी थी। दोनों के बीच हुई व्हाट्सएप चैट में युवती ने तलाक होने तक शादी के लिए इंतजार करने की बात कही थी। दोनों के बीच संबंध सहमति से बने थे।
कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद प्राथमिकी, बयानों, व्हाट्सएप चैट और अन्य उपलब्ध सामग्री का परीक्षण किया। कोर्ट ने पाया कि युवती आरोपी के संपर्क में थी और उसे उसकी पहली शादी की जानकारी थी। ऐसे में शादी का झूठा वादा करके संबंध बनाने का आरोप उपलब्ध सामग्री से साबित नहीं होता।
कोर्ट ने यह भी पाया कि कथित आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें न तो पीड़िता ने अदालत में पेश कीं और न ही विवेचक ने उन्हें केस डायरी में शामिल किया था। इन तथ्यों के आधार पर हाईकोर्ट ने आरोपी के खिलाफ दाखिल चार्जशीट और आपराधिक मुकदमे की पूरी कार्यवाही रद्द कर दी।