फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Relief Sub-Inspector in harassment case involving promise marriage; chargesheet and criminal proceeding

हाईकोर्ट : शादी का झांसा देकर दुष्कर्म मामले में दरोगा को राहत, चार्जशीट व आपराधिक कार्यवाही रद्द

Thu, 01 Oct 2026 08:03 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 01 Oct 2026 08:03 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोप में घिरे पुलिस निरीक्षक अमित कुमार को राहत दी है। कोर्ट ने आरोपी के खिलाफ दाखिल चार्जशीट और ट्रायल कोर्ट में लंबित आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी है।

विज्ञापन
Relief Sub-Inspector in harassment case involving promise marriage; chargesheet and criminal proceeding
इलाहाबाद हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोप में घिरे पुलिस निरीक्षक अमित कुमार को राहत दी है। कोर्ट ने आरोपी के खिलाफ दाखिल चार्जशीट और ट्रायल कोर्ट में लंबित आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति मदन पाल सिंह की एकल पीठ ने दिया है।

विज्ञापन

वाराणसी के महिला थाने में आरोपी के खिलाफ वर्ष 2020 में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता युवती ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ संबंध बनाए। युवती का यह भी आरोप था कि आरोपी ने उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया। गर्भवती होने पर जबरन गर्भपात कराने, पहली शादी की बात छिपाने और धमकी देने के आरोप भी लगाए गए थे। आरोपी दरोगा ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर मुकदमे की पूरी कार्यवाही रद्द करने की गुहार लगाई।

विज्ञापन

याची अधिवक्ता ने दलील दी कि युवती को उसकी पहली शादी की जानकारी थी। दोनों के बीच हुई व्हाट्सएप चैट में युवती ने तलाक होने तक शादी के लिए इंतजार करने की बात कही थी। दोनों के बीच संबंध सहमति से बने थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद प्राथमिकी, बयानों, व्हाट्सएप चैट और अन्य उपलब्ध सामग्री का परीक्षण किया। कोर्ट ने पाया कि युवती आरोपी के संपर्क में थी और उसे उसकी पहली शादी की जानकारी थी। ऐसे में शादी का झूठा वादा करके संबंध बनाने का आरोप उपलब्ध सामग्री से साबित नहीं होता।

कोर्ट ने यह भी पाया कि कथित आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें न तो पीड़िता ने अदालत में पेश कीं और न ही विवेचक ने उन्हें केस डायरी में शामिल किया था। इन तथ्यों के आधार पर हाईकोर्ट ने आरोपी के खिलाफ दाखिल चार्जशीट और आपराधिक मुकदमे की पूरी कार्यवाही रद्द कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed