फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Regular hearing in the principal bench of cases under the jurisdiction of CAT Prayagraj is inappropriate

UP : कैट प्रयागराज के क्षेत्राधिकार वाले मुकदमों की प्रधान पीठ में नियमित सुनवाई अनुचित, केंद्र से जवाब तलब

Wed, 14 May 2025 02:01 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 14 May 2025 02:01 PM IST
सार

इस टिप्पणी संग न्यायमूर्ति अजित कुमार की अदालत ने कर्मचारी नेता व कानपुर में तैनात रक्षा लेखा विभाग के वरिष्ठ लेखा परीक्षक राजेश प्रताप सिंह के पुणे तबादले पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। साथ ही केंद्र सरकार से चार हफ्ते में जवाब तलब किया है।

विज्ञापन
Regular hearing in the principal bench of cases under the jurisdiction of CAT Prayagraj is inappropriate
अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) प्रयागराज पीठ के नियमित मुकदमे प्रधान पीठ में सुने जाने पर नाराजगी जताई है। कहा, कैट अधिनियम की धारा-25 और नियम-6 के तहत नई दिल्ली स्थित प्रधान पीठ में प्रयागराज पीठ के क्षेत्राधिकार का नियमित प्रयोग अनुचित है।

विज्ञापन


इस टिप्पणी संग न्यायमूर्ति अजित कुमार की अदालत ने कर्मचारी नेता व कानपुर में तैनात रक्षा लेखा विभाग के वरिष्ठ लेखा परीक्षक राजेश प्रताप सिंह के पुणे तबादले पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। साथ ही केंद्र सरकार से चार हफ्ते में जवाब तलब किया है।
विज्ञापन


याचिका की पोषणीयता पर केंद्र सरकार के अधिवक्ता ने सवाल उठाया। कहा कि इस स्तर पर मामले की सुनवाई का पहला अधिकार कैट को है। कैट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल हो सकती है। मौजूदा समय में मामलों की सुनवाई दिल्ली स्थित कैट की प्रधान पीठ कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं, जवाब देते हुए कहा कि कैट की प्रधान पीठ में प्रयागराज के नियमित क्षेत्राधिकार के मामलों की सुनवाई की जा रही है, जो कैट अधिनियम के विपरीत है। क्षेत्राधिकार हनन के खिलाफ इलाहाबाद पीठ के अधिवक्ता कैट में आंदोलन कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में हाईकोर्ट के हस्तक्षेप से ही याची को राहत मिल सकती है।


इसके अलावा दलील दी कि याची अखिल भारतीय रक्षा लेखा कर्मचारी संघ के चुने हुए पदाधिकारी हैं। विभाग की 28 मार्च 2014 की स्थानांतरण नीति के तहत संघ के पदाधिकारी के रूप में कार्य करने के दौरान याची का तबादला तब तक नहीं किया जा सकता, जब तक कि जब तक प्रशासनिक जरूरत न हो। मौजूदा मामले में ऐसी कोई प्रशासनिक जरूरत नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed