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पुलिस की कमी दूर करने के लिए हर साल होंगी भर्तियां
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 20 May 2017 01:33 AM IST
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औचक निरीक्षण का हवाला देकर फर्जी सीआईडी इंस्पेक्टर दुकानदारों से दो हजार रुपये तक ऐंठ रहा था।
- फोटो : Demo Pic
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सूबे में पुलिस कर्मचारियों की कमी दूर करने के लिए सरकार हर साल पुलिस विभाग में भर्तियां करेगी। इसी क्रम में सरकार ने 2300 कंप्यूटर ऑपरेटरों की भर्ती का ऑनलाइन विज्ञापन जारी किया है। अपर महाधिवक्ता नीरज त्रिपाठी ने शुक्रवार को पुलिस विभाग की भर्तियों में विशेष आरक्षित कोटे के पदों को कैरी फारवर्ड करने के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान यह जानकारी दी। कोर्ट ने इस मामले में प्रदेश सरकार को बेहतर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। याचिका पर 23 जुलाई को अगली सुनवाई होगी।
अपर महाधिवक्ता ने बताया कि 2011 और 2013 की पुलिस भर्तियों में चयन प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है। इसके बाद 2015 में भी भर्तियां की जा चुकी हैं, जिसमें रिक्त पदों को भरा गया था। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि इन जानकारियों को हलफनामा के मार्फत कोर्ट के समक्ष दाखिल किया जाए। इस मामले को लेकर दाखिल दर्जनों याचिकाओं पर मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ सुनवाई कर रही है। याचीगण की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शशिनंदन, सीमांत सिंह आदि ने पक्ष रखा। अधिवक्ताओं का कहना है कि विशेष आरक्षित कोटे के क्षैतिज आरक्षण के तहत निर्धारित पद रिक्त रह गए हैं। प्रदेश सरकार द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार इन पदों को अब कैरी फारवर्ड नहीं किया जाएगा। लिहाजा रिक्त पदों को सामान्य अभ्यर्थियों से भरा जाए। कोर्ट इस मामले में अब 23 जुलाई को सुनवाई करेगी।
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अपर महाधिवक्ता ने बताया कि 2011 और 2013 की पुलिस भर्तियों में चयन प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है। इसके बाद 2015 में भी भर्तियां की जा चुकी हैं, जिसमें रिक्त पदों को भरा गया था। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि इन जानकारियों को हलफनामा के मार्फत कोर्ट के समक्ष दाखिल किया जाए। इस मामले को लेकर दाखिल दर्जनों याचिकाओं पर मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ सुनवाई कर रही है। याचीगण की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शशिनंदन, सीमांत सिंह आदि ने पक्ष रखा। अधिवक्ताओं का कहना है कि विशेष आरक्षित कोटे के क्षैतिज आरक्षण के तहत निर्धारित पद रिक्त रह गए हैं। प्रदेश सरकार द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार इन पदों को अब कैरी फारवर्ड नहीं किया जाएगा। लिहाजा रिक्त पदों को सामान्य अभ्यर्थियों से भरा जाए। कोर्ट इस मामले में अब 23 जुलाई को सुनवाई करेगी।
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