Conjunctivitis : तेजी से बढ़ रहा आई फ्लू, मेडिकल स्टोर्स से गायब हुईं सस्ती ड्रॉप, कॉले चश्मों की बिक्री तेज
आंखों में इन्फेक्शन के समय इस्तेमाल होने वाली 16 से 40 रुपये में मिलने वाली आई ड्राप की जगह नामी कंपनियों की 70 से 150 रुपये की ड्रॉप बेची जा रही है। इसी तरह आंख में दर्द होने पर 35 से 40 रुपये तक मिलने वाली आई ड्रॉप सौ रुपये से नीचे मिलना मुश्किल है।
विस्तार
शहर में कंजक्टिवाइटिस (आई फ्लू) के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में मेडिकल स्टोरों पर मिलने वाली सस्ती आई ड्रॉप भी गायब हो रहीं है। जिन मेडिकल स्टोरों पर आई ड्राप उपलब्ध भी हैं, वहां नामी कंपनियों की महंगी आई ड्रॉप मरीजों को दी जा रही है। काले चश्मों के दाम भी दोगुने हो गए हैं।
आंखों में इन्फेक्शन के समय इस्तेमाल होने वाली 16 से 40 रुपये में मिलने वाली आई ड्राप की जगह नामी कंपनियों की 70 से 150 रुपये की ड्रॉप बेची जा रही है। इसी तरह आंख में दर्द होने पर 35 से 40 रुपये तक मिलने वाली आई ड्रॉप सौ रुपये से नीचे मिलना मुश्किल है। आई ट्यूब भी सौ रुपये से अधिक की कीमत वाले बेचे जा रहे हैं।
तेज बहादुर सप्रू अस्पताल में बृहस्पतिवार को 1616 मरीजों की ओपीडी हुई। इसमें से 1147 मरीजों का स्कैन एंड शेयर द्वारा और 469 मरीजों का ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन किया गया। इनमें से 30 फीसदी मरीज कंजक्टिवाइटिस के मिले। इस बारे में इलाहाबाद केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के संगठन मंत्री तरंग अग्रवाल का कहना है कि कंजक्टिवाइटिस के मामले तेजी से बढ़ने के कारण आई ड्रॉप की कमी आने लगी है, लेकिन कई मेडिकल स्टोरों पर अभी स्टॉक है।
कंजक्टिवाइटिस होने पर क्या करें
-आंखों को पानी से बार-बार धोते रहें
-आंख पोंछने के लिए कॉटन के रूमाल का इस्तेमाल करें
-डॉक्टर के परामर्श से ही आई ड्राप लें
-काले चश्मे का इस्तेमाल करें-हाथों को समय-समय पर सेनेटाइज करते रहें
1 मोक्सीफोर्ड आईड्रॉप 70 रूपये
2 महाफ्लोक्स आईड्रॉप 86 रूपये
3 टोबासीन आईड्रॉप 66 रूपये
4 मोक्सीसिप आईड्रॉप 150 रूपये
5 टियरफ्रेश आईड्रॉप 80 से 100 रूपये
सस्ती आई ड्रॉप जो गायब है
1 ब्यूटीमोक्स आईड्रॉप 35 से 40 रूपये
2 टोबामाइसीन आईड्रॉप 35 से 40 रूपये
3 सिपलॉक्स आईड्रॉप 16 से 21 रूपये
4 पेंसलीन ट्यूब 10 रूपये का पत्ता
बारिश के मौसम में संक्रमण फैलाने वाली बीमारियों का खतरा अधिक रहता है। इसमें कंजक्टिवाइटिस और मौसमी बुखार के मरीज अधिक आ रहे हैं। इसलिए विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। - डॉ. एमके अखौरी, नेत्र विशेषज्ञ, अधीक्षक बेली अस्पताल