फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   rally of Kanwariyas gathered in Sangamnagari, chanting of Bol Bam echoed

कांवड़ यात्रा : संगमनगरी में उमड़ा कांवड़ियों का रेला, गूंजे बोल बम के जयकारे. कई जिलों से पहुंच रहे शिवभक्त

Wed, 05 Jul 2023 01:23 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 05 Jul 2023 01:23 PM IST
सार

देवाधिदेव भगवान भोलेनाथ के प्रिय मास सावन का शुभारंभ होने के साथ ही संगमनगरी में मंगलवार को भक्ति की धारा प्रवाहित होने लगी है। इसी के साथ दशाश्वमेध घाट से 59 दिन के लिए कांवड़ यात्रा का शुभारंभ हो गया।

विज्ञापन
rally of Kanwariyas gathered in Sangamnagari, chanting of Bol Bam echoed
संगमनगरी पहुंचे कांवड़िए। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

देवाधिदेव भगवान भोलेनाथ के प्रिय मास सावन का शुभारंभ होने के साथ ही संगमनगरी में मंगलवार को भक्ति की धारा प्रवाहित होने लगी है। इसी के साथ दशाश्वमेध घाट से 59 दिन के लिए कांवड़ यात्रा का शुभारंभ हो गया। पहले दिन सैकड़ों की तादाद में कांवड़िये गंगा जल भरकर काशी विश्वनाथ धाम और बाबा बैजनाथ धाम जलाभिषेक के लिए रवाना हो गए। इस दौरान बोल बम के जयकारों से यात्रा पथ गूंजता रहा।

विज्ञापन


दो साल बाद सावन में देवाधिदेव महादेव के जलाभिषेक के लिए कांवड़ यात्रा शुरू हो गई। बाबा के जलाभिषेक के लिए गांव-गांव से भोले भक्त निकल पड़े हैं। इस बार दशाश्वमेध घाट पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रकाश की भव्य व्यवस्था की गई है। मंगलवार को दारागंज से लेकर संगम तक कांवड़ियों का रेला उमड़ा। हर तरफ बोल बम के जयकारे गूंजते रहे। आजमगढ़, गाजीपुर, ललितपुर के अलावा जौनपुर, मध्यप्रदेश के रीवा समेत कई इलाकों से कांवड़िये दशाश्वमेध घाट पहुंचे।

विज्ञापन

रंग-बिरंगी कांवड़ के साथ ही ध्वजा-पताकाओं से सजे वाहनों से भोलेभक्त यहां पहुंचने लगे हैं। जल भरने के साथ ही तीर्थपुरोहितों की चौकियों पर संकल्प लेकर भक्त बाबा धाम के लिए रवाना हुए। कोई नौकरी की कामना लेकर बाबा के दरबार में हाजिरी लगाने निकला है तो कोई अच्छी खेती और बिटिया की अच्छे परिवार में शादी की मनौती लेकर। तीर्थपुरोहित छोटे मिश्रा बताते हैं कि घाट पर भीड़ का दबाव बढ़ने लगा है। समतलीकरण के साथ ही तट के दूसरे हिस्सों में भी बालू की बोरियां बिछाई जानी चाहिए, ताकि भक्तों को फिसलन का सामना न करना पड़े।

एसडीआरएफ ने शुरू की गश्त

दशाश्वमेध घाट मंगलवार को कांवड़ियों से पटा रहा। घाट पर जल पुलिस के साथ ही एसडीआरएफ के जवानों की टीमें लगाई गई हैं, ताकि कोई गहरे पानी में न जाने पाए। जलमार्ग पर गश्त शुरू हो गई है। दूर से आए कांवड़ियों को जेटी के भीतर ही रहकर डुबकी लगाने की सलाह दी जाती रही। प्रशिक्षित गोताखोरों को भी घाट पर लगाया गया है, ताकि किसी तरह की अनहोनी को समय रहते रोका जा सके।

घाट पर लगे हाई मास्ट, नाले किए गए बंद

दशाश्वमेध घाट पर बहने वाले नालों को बंद कर दिया गया है। रात को दूधिया रोशनी बनी रहे, इसके लिए घाट पर हाई मास्ट लगा दिए गए हैं। सफाई टीमें लगाई गईं हैं, ताकि भक्तों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed