रक्षाबंधन पर ट्रेनों में बढ़ी भीड़ : त्योहार के बाद घर लौटना चुनौती, दिल्ली-मुंबई की ट्रेनों में सीटें फुल
Railway News : रक्षाबंधन का त्योहार मनाने के बाद अब लोगों के सामने घर और कामकाज की जगहों पर लौटने की चुनौती है। वापसी के लिए ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। दिल्ली और मुंबई रूट की कई प्रमुख ट्रेनों में सीटें फुल होने से यात्रियों को कन्फर्म टिकट के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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इस साल रक्षाबंधन के ठीक बाद शनिवार होने के कारण, अधिकांश लोगों ने त्योहार के तुरंत बाद रविवार को वापसी की राह पकड़ने का मन बनाया है। यही वजह है कि प्रयागराज से गुजरने वाली और यहां से शुरू होने वाली अधिकांश प्रमुख ट्रेनों में भारी भीड़ के चलते नो रूम की स्थिति बन गई है।
यात्रियों की सबसे पसंदीदा ट्रेनों में शुमार प्रयागराज एक्सप्रेस और वंदे भारत में टिकटों के लिए मारामारी है। प्रयागराज जंक्शन के रास्ते नई दिल्ली जाने वाली दोनों ही वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों में 31 अगस्त तक चेयर कार की प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) सौ के पार पहुंच चुकी है।
वहीं, प्रयागराज एक्सप्रेस में भी नई दिल्ली के लिए एसी टू में वेटिंग 50 के पार निकल गई है, जबकि स्लीपर और एसी थ्री श्रेणियों में भी लंबी प्रतीक्षा सूची बनी हुई है। प्रयागराज से नई दिल्ली और आनंद विहार जाने वाली हमसफर एक्सप्रेस और शिवगंगा एक्सप्रेस में भी 31 अगस्त तक कोई जगह खाली नहीं है।
जबकि पुरुषोत्तम एक्सप्रेस में 29 और 30 अगस्त को एसी थ्री में सीटें पूरी तरह फुल हो चुकी हैं। दिल्ली रूट पर चलने वाली अन्य प्रमुख गाड़ियां जैसे रीवा एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्र मेल और जम्मू मेल में भी यात्रियों के लिए कोई गुंजाइश नहीं बची है।
मुंबई जाने वाले यात्रियों की मुश्किलें भी कम नहीं
सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि देश की आर्थिक राजधानी मुंबई एवं दक्षिण भारत की तरफ जाने वाले यात्रियों की मुश्किलें भी कम नहीं हैं। पवन एक्सप्रेस में 30 और 31 अगस्त को एसी थ्री में नो रूम है, जबकि पाटलिपुत्र एक्सप्रेस में 28 से 30 अगस्त तक एसी थ्री और एसी टू दोनों ही श्रेणियों में सीटें पूरी तरह पैक हैं। इसके अलावा मुंबई रूट की अन्य प्रमुख गाड़ियों में भी कन्फर्म टिकट मिलना लगभग असंभव हो गया है।
यात्री सुविधा के लिए स्पेशल ट्रेनें भी संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा यात्री तत्काल सेवा का भी लाभ उठा सकते हैं। - डाॅ. अमित मालवीय, सीनियर पीआरओ, एनसीआर