राज्यसभा चुनाव : टिकट न मिलने पर छलका रेवती रमण का दर्द, बोले- अखिलेश यादव ने की वादाखिलाफी
रेवती रमण ने कहा कि यह नई सपा है। पिछले चुनावों के नतीजे अच्छा संकेत नहीं दे रहे। मुलायम सिंह होते तो पार्टी की यह स्थिति नहीं होती। अखिलेश को यह समझना चाहिए कि आखिर उनसे कहां गलती हो रही है। उन्होंने कहा कि बिना बातचीत किए ही अखिलेश ने टिकट काट दिया। जबकि, कई बार वादा किया था कि उन्हें दोबारा राज्यसभा भेजा जाएगा।
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बुधवार को प्रयागराज लौटने पर अपनों के बीच पहुंचे सपा के वरिष्ठ नेता रेवती रमण सिंह का राज्य सभा का टिकट नहीं मिलने का दर्द छलक पड़ा। बड़ी संख्या में आवास पर पहुंचे समर्थकों संग उन्होंने अपनी नाराजगी साझा की। इस दौरान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के प्रति उनके तेवर ज्यादा तल्ख रहे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब मुलायम सिंह यादव का दौर नहीं रहा। पिछले चार चुनावों के नतीजे सामने हैं। अखिलेश यादव को हार की समीक्षा करनी चाहिए कि ऐसा क्यों हो रहा है। हालांकि, नए सियासी सफर को लेकर उन्होंने अभी पत्ते नहीं खोले हैं। कहा कि समर्थकों से राय के बाद निर्णय लेंगे। इस संबंध में जल्द ही बैठक की बात कही।
रेवती रमण सिंह की राज्य सभा की सदस्यता जुलाई में खत्म हो रही है। पार्टी ने उन्हें दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया है। ऐसे में सपा में उनकी सियासी पारी को खत्म माना जा रहा है। इससे नाराज समर्थकों ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस्तीफे का दौर भी शुरू हो गया है। इस सियासी घमासान के बीच रेवती रमण सिंह बुधवार को प्रयागराज पहुंचे।
अशोक नगर स्थित उनके आवास पर बड़ी संख्या में समर्थक पहुंचे। उनके आवास पर पहुंचने वालों में करछना के अलावा मुस्लिम एवं यादव बिरादरी के नेताओं की भी बड़ी संख्या रही। इस तरह से खुलकर समर्थन में आने के लिए उन्होंने समर्थकों के प्रति आभार प्रकट किया। साथ ही किसी भी बड़े फैसले के लिए तैयार रहने की बात कही। हालांकि, यह फैसला क्या होगा इस पर उन्होंने स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं कहा।
बोले- राजनीति में दरवाजे हमेशा खुले रहते हैं
अमर उजाला के साथ बातचीत में रेवती रमण ने कहा कि यह नई सपा है। पिछले चुनावों के नतीजे अच्छा संकेत नहीं दे रहे। मुलायम सिंह होते तो पार्टी की यह स्थिति नहीं होती। अखिलेश को यह समझना चाहिए कि आखिर उनसे कहां गलती हो रही है। उन्होंने कहा कि बिना बातचीत किए ही अखिलेश ने टिकट काट दिया। जबकि, कई बार वादा किया था कि उन्हें दोबारा राज्यसभा भेजा जाएगा।
नई सियासी पारी के सवाल पर उन्हाेंने कहा कि राजनीति में सभी दरवाजे हमेशा खुले रहते हैं। अभी वह सपा में हैं लेकिन संभावनाओं के दरवाजे खुले हैं। समर्थकों से बात करेंगे। उनकी मंशा के अनुरूप निर्णय लेंगे। जल्द ही समर्थकों संग बैठक होगी। बैठक के समय पर तो रेवती रमण ने चुप्पी साध ली लेकिन जुलाई में राज्यसभा की सदस्यता खत्म होने के बाद बैठक और नई सियासी की घोषणा की बात कही जा रही है।