{"_id":"57f173744f1c1b9a11575015","slug":"raju-pal-murder-trial-witness","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजू पाल हत्याकांड के गवाह पर मुकदमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजू पाल हत्याकांड के गवाह पर मुकदमा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 03 Oct 2016 02:36 AM IST
विज्ञापन
मुंसिफी कोर्ट: थम नहीं रहा वकीलों का आक्रोश
- फोटो : अमर उजाला
इलाहाबाद (ब्यूरो) बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह अधिवक्ता उमेश पाल और उनके भतीजे के खिलाफ धूमनगंज थाने में राइफल की बट से पीटकर जान से मारने की धमकी का केस लिखा गया। पुलिस के अनुसार मामला जमीन के विवाद और उस पर कब्जे का है।
अधिवक्ता उमेश पाल जयंतीपुर सुलेमसराय में रहते हैं। उनके पड़ोस में रहने वाले अजय वर्मा ने धूमनगंज थाने में शनिवार को तहरीर दी जिसमें आरोप लगाया कि वह 28 सितंबर को दिन में 11.30 बजे मजदूरों के साथ अपने प्लाट पर थे तभी उमेश अपने भतीजे और दो अज्ञात लोगों के साथ आए। उनके हाथों में राइफल और तमंचे थे। आते ही वे मजदूरों को पीटने लगे। अजय का आरोप है कि उमेश ने राइफल सटाकर उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए बट से प्रहार किया। धमकी दी कि अब कभी इस जमीन पर नजर आए तो जान से मार डाला जाएगा। उमेश और उनके साथ आए लोग फिर मारपीट करने लगे तो उन्हें मजदूरों के साथ भागना पड़ा। पुलिस ने उमेश पाल उनके भतीजे और दो अज्ञात के खिलाफ केस लिखकर जांच शुरू की है। उधर, उमेश पाल ने इस मामले में कहा कि वह अजय से कई साल से न मिले न कोई संपर्क हुआ। बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड में गवाह होने की वजह से उन्हें विरोधी पक्ष की ओर से अक्सर किसी न किसी मामले में फंसाकर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
विज्ञापन
अधिवक्ता उमेश पाल जयंतीपुर सुलेमसराय में रहते हैं। उनके पड़ोस में रहने वाले अजय वर्मा ने धूमनगंज थाने में शनिवार को तहरीर दी जिसमें आरोप लगाया कि वह 28 सितंबर को दिन में 11.30 बजे मजदूरों के साथ अपने प्लाट पर थे तभी उमेश अपने भतीजे और दो अज्ञात लोगों के साथ आए। उनके हाथों में राइफल और तमंचे थे। आते ही वे मजदूरों को पीटने लगे। अजय का आरोप है कि उमेश ने राइफल सटाकर उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए बट से प्रहार किया। धमकी दी कि अब कभी इस जमीन पर नजर आए तो जान से मार डाला जाएगा। उमेश और उनके साथ आए लोग फिर मारपीट करने लगे तो उन्हें मजदूरों के साथ भागना पड़ा। पुलिस ने उमेश पाल उनके भतीजे और दो अज्ञात के खिलाफ केस लिखकर जांच शुरू की है। उधर, उमेश पाल ने इस मामले में कहा कि वह अजय से कई साल से न मिले न कोई संपर्क हुआ। बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड में गवाह होने की वजह से उन्हें विरोधी पक्ष की ओर से अक्सर किसी न किसी मामले में फंसाकर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
विज्ञापन