Railway : ड्रोन से होगी पुलों की निगरानी करेगा रेलवे, आपरेशन सिंदूर के बाद लिया गया फैसला
उत्तर मध्य रेलवे द्वारा कुल 20 पुल चिह्नित किए गए हैं जिनकी ड्रोन द्वारा निगरानी की जाएगी। जिन ब्रिज की निगरानी ड्रोन द्वारा की जाएगी उसमें प्रयागराज मंडल के तीन, आगरा के दो एवं झांसी के कुल 15 ब्रिज शामिल है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आपरेशन सिंदूर के बाद रेलवे द्वारा अपने पुलों की निगरानी अब ड्रोन के माध्यम से भी करेगा। उत्तर मध्य रेलवे द्वारा जिन पुलों की निगरानी ड्रोन से की जाएगी, उसमें नैनी स्थित यमुना पुल, मेजा के पास टोंस नदी का पुल ,आगरा स्थित स्ट्रैची ब्रिज आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं।
फिलहाल उत्तर मध्य रेलवे द्वारा कुल 20 पुल चिह्नित किए गए हैं जिनकी ड्रोन द्वारा निगरानी की जाएगी। जिन ब्रिज की निगरानी ड्रोन द्वारा की जाएगी उसमें प्रयागराज मंडल के तीन, आगरा के दो एवं झांसी के कुल 15 ब्रिज शामिल है। इस संबंध में रेलवे बोर्ड ने सभी भारतीय रेलों के महाप्रबंधकों को निर्देश जारी किए हैं कि खासकर पुलों और संरचनाओं के निर्माण में सीसीटीवी और ड्रोन तकनीक का उपयोग किया जाए। बोर्ड के निर्देश के अनुसार महत्वपूर्ण पुलों में आईपी आधारित सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निरंतर निगरानी की जाएगी।
पुल की निगरानी के लिए आरडीएसओ के विनिर्देशों को अपनाया जाएगा। तिमाही आधार पर ड्रोन से वीडियो रिकार्डिंग की जाएगी और इसे भारतीय रेलवे जियो वीडियो एप्लीकेशन प्लेटफार्म (आइआरजीवीएपी) पर आइआरपीएसएम के माध्यम से अपलोड किया जाएगा। रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (गतिशक्ति/सिविल-द्वितीय) विवेक कुमार ने इस पहल को समय पर परियोजना पूर्णता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।