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जाम से निजात पाने के लिए अब रेलवे का सहारा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 09 Aug 2018 12:34 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
मंगलवार को कानपुर रोड पर आवागमन बंद होने के बाद लागू हुई ट्रैफिक डायवर्जन व्यवस्था और शास्त्री पुल पर लगे जाम से राहगीरों को खासी मुसीबत झेलनी पड़ी। आम शहरियों को हुई दिक्कत को देखते हुए जिला प्रशासन ने अब रेलवे से मदद मांगने की बात कही है। ताकि शहरियों को जाम की समस्या न झेलनी पड़ी। जिला प्रशासन की मंशा है कि रेलवे स्कूल और ऑफिस खुलने एवं बंद होने के समय स्पेशल ट्रेन चलाए। इस व्यवस्था से आम शहरियों को भी जाम से काफी हद तक निजात मिल सकेगी।
दरअसल, कानपुर रोड पर ट्रैफिक डायवर्जन मंगलवार से लागू हो गया है जो अगले दो माह रहेगा। ऐसे में बम्हरौली, मुंडेरा, प्रीतमनगर, नीमसराय, सुलेमसराय, हरवारा, मधुबन विहार कालोनी समेत शहर पश्चिम के तमाम मोहल्लों में रहने वाले लोगों आए दिन जाम की समस्या झेलनी पड़ सकती है। मंगलवार और उसके बाद बुधवार को लगे जाम की वजह से स्कूली बच्चों एवं ऑफिस आने वाले लोगों को खासी दिक्कत हुई। इस वजह से जिला प्रशासन ने रेलवे से मदद मांगने की बात कही है। जिला प्रशासन की मंशा है कि रेलवे सुबह छह बजे के आसपास मनौरी से स्पेशल ट्रेन चलाए। जिसका बम्हरौली, सूबेदारगंज स्टेशनों में ठहराव हो। ताकि इस ट्रेन से सुबह शहर पश्चिम से आने वाले स्कूली बच्चे आ सके। जंक्शन उतरने के बाद स्कूली वाहन उन्हें वहां से पिकअप करें। इसके बाद एक दूसरी स्पेशल ट्रेन नौ बजे के आसपास आए। ताकि कामकाजी और ऑफिस आने वाले लोग इस ट्रेन का उपयोग कर जंक्शन पहुंचे। वापसी में यही ट्रेन दिन में दो बजे एवं शाम पांच बजे के बाद मनौरी के लिए चले। इसी तरह एक अन्य ट्रेन झूंसी से इलाहाबाद जंक्शन के लिए चले। डीएम इलाहाबाद सुहास एलवाई ने बताया कि एडीएम सिटी और एसपी ट्रैफिक से कहा गया है वह यह प्रस्ताव जीएम एनसीआर और डीआरएम इलाहाबाद को भेजे। ताकि शहरियों को सहूलियत मिल सके।
कांवड़ियों की वजह से वाराणसी जाने वाली सड़क की एक लेन बंद करने एवं रोज-रोज लग रहे जाम के चलते रोडवेज बसें हर रोज दोगुने समय में अपने गंतव्य तक पहुंच रही है। इस वजह से बसों में सफर करने वाले यात्रियों ने अब ट्रेनों को रुख कर लिया है। मंगलवार को झूंसी पुल और उसके साथ-साथ फाफामऊ पुल पर लगे जाम के बाद बुधवार को इलाहाबाद से वाराणसी एवं लखनऊ जाने वाले यात्रियों ने ट्रेनों में ही सफर करना बेहतर समझा।
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सुबह इलाहाबाद से लखनऊ के लिए गंगा-गोमती एक्सप्रेस में अन्य दिनों के मुकाबले कुछ ज्यादा ही भीड़ गई। अमूमन प्रयाग रेलवे स्टेशन से इस ट्रेन में चढ़ने वाले लोगों को बैठने की सीट मिल जाती है, लेकिन बुधवार को जंक्शन से ही ट्रेन के पैक हो जाने की वजह से प्रयाग से इस ट्रेन में कम लोगों को ही बैठने के लिए सीट मिल सकी। उधर वाराणसी रूट की ट्रेनों का ज्यादा बुरा हाल रहा। पिछले कुछ दिनों से इस रूट पर बसें छह से सात घंटे में वाराणसी पहुंच पा रही है। मंगलवार को लगे जाम के बाद बुधवार की सुबह इलाहाबाद सिटी से वाराणसी जाने वाली ट्रेनों ठसाठस गई। सुबह मऊ जाने वाली डीएमयू, वाराणसी जाने वाली पैसेंजर एवं अन्य ट्रेनों में भीड़ की वजह से तमाम यात्रियों को खड़े होेकर सफर करना पड़ा। वाराणसी जा रहे व्यापारी बृजेश जायसवाल ने बताया कि जाम की वजह से ही ट्रेन में सफर शुरू किया है। कम से कम पैसेंजर ट्रेन चार घंटे में वाराणसी तो पहुंच ही जा रही है।
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दरअसल, कानपुर रोड पर ट्रैफिक डायवर्जन मंगलवार से लागू हो गया है जो अगले दो माह रहेगा। ऐसे में बम्हरौली, मुंडेरा, प्रीतमनगर, नीमसराय, सुलेमसराय, हरवारा, मधुबन विहार कालोनी समेत शहर पश्चिम के तमाम मोहल्लों में रहने वाले लोगों आए दिन जाम की समस्या झेलनी पड़ सकती है। मंगलवार और उसके बाद बुधवार को लगे जाम की वजह से स्कूली बच्चों एवं ऑफिस आने वाले लोगों को खासी दिक्कत हुई। इस वजह से जिला प्रशासन ने रेलवे से मदद मांगने की बात कही है। जिला प्रशासन की मंशा है कि रेलवे सुबह छह बजे के आसपास मनौरी से स्पेशल ट्रेन चलाए। जिसका बम्हरौली, सूबेदारगंज स्टेशनों में ठहराव हो। ताकि इस ट्रेन से सुबह शहर पश्चिम से आने वाले स्कूली बच्चे आ सके। जंक्शन उतरने के बाद स्कूली वाहन उन्हें वहां से पिकअप करें। इसके बाद एक दूसरी स्पेशल ट्रेन नौ बजे के आसपास आए। ताकि कामकाजी और ऑफिस आने वाले लोग इस ट्रेन का उपयोग कर जंक्शन पहुंचे। वापसी में यही ट्रेन दिन में दो बजे एवं शाम पांच बजे के बाद मनौरी के लिए चले। इसी तरह एक अन्य ट्रेन झूंसी से इलाहाबाद जंक्शन के लिए चले। डीएम इलाहाबाद सुहास एलवाई ने बताया कि एडीएम सिटी और एसपी ट्रैफिक से कहा गया है वह यह प्रस्ताव जीएम एनसीआर और डीआरएम इलाहाबाद को भेजे। ताकि शहरियों को सहूलियत मिल सके।
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कांवड़ियों की वजह से वाराणसी जाने वाली सड़क की एक लेन बंद करने एवं रोज-रोज लग रहे जाम के चलते रोडवेज बसें हर रोज दोगुने समय में अपने गंतव्य तक पहुंच रही है। इस वजह से बसों में सफर करने वाले यात्रियों ने अब ट्रेनों को रुख कर लिया है। मंगलवार को झूंसी पुल और उसके साथ-साथ फाफामऊ पुल पर लगे जाम के बाद बुधवार को इलाहाबाद से वाराणसी एवं लखनऊ जाने वाले यात्रियों ने ट्रेनों में ही सफर करना बेहतर समझा।
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सुबह इलाहाबाद से लखनऊ के लिए गंगा-गोमती एक्सप्रेस में अन्य दिनों के मुकाबले कुछ ज्यादा ही भीड़ गई। अमूमन प्रयाग रेलवे स्टेशन से इस ट्रेन में चढ़ने वाले लोगों को बैठने की सीट मिल जाती है, लेकिन बुधवार को जंक्शन से ही ट्रेन के पैक हो जाने की वजह से प्रयाग से इस ट्रेन में कम लोगों को ही बैठने के लिए सीट मिल सकी। उधर वाराणसी रूट की ट्रेनों का ज्यादा बुरा हाल रहा। पिछले कुछ दिनों से इस रूट पर बसें छह से सात घंटे में वाराणसी पहुंच पा रही है। मंगलवार को लगे जाम के बाद बुधवार की सुबह इलाहाबाद सिटी से वाराणसी जाने वाली ट्रेनों ठसाठस गई। सुबह मऊ जाने वाली डीएमयू, वाराणसी जाने वाली पैसेंजर एवं अन्य ट्रेनों में भीड़ की वजह से तमाम यात्रियों को खड़े होेकर सफर करना पड़ा। वाराणसी जा रहे व्यापारी बृजेश जायसवाल ने बताया कि जाम की वजह से ही ट्रेन में सफर शुरू किया है। कम से कम पैसेंजर ट्रेन चार घंटे में वाराणसी तो पहुंच ही जा रही है।