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हैक-36 में ‘सूडो कोड’ विजयी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 29 Jan 2018 01:36 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) में 26 जनवरी की आधी रात से शुरू हुई पहली ऑनलाइन हैकॉथन संस्करण हैक-36 प्रतियोगिता का रविवार दोपहर समापन हुआ। यह प्रतियोगिता तकनीकी जगत में नई संभावनाएं लेकर आई। हैक-36 के पूरे होने पर इसमें 51 नई खोज के साथ सात नई तकनीक सामने आईं।
प्रतियोगिता की विजेता सूडो कोड टीम रही। टीम के सदस्यों ने एक ऐसे एप का विकास किया, जो नेत्रहीनों के बुद्धि विकास में मदद करेगी। सुडो कोड में शामिल अभिषेक शर्मा, हिमांशु, माधुर्य और सौविक सेन की टीम को 30 हजार का नकद पुरस्कार दिया गया। इंटेलीजेंट चैट बूट का विकास कर मोहित खरे, अभय प्रभात और अभिषेक सैंथिल को 20 हजार का दूसरा पुरस्कार मिला, जबकि ऐसी टीम जिसमें सभी छात्राएं रशमिथा, विंद्रा अग्रवाल, श्रव्या नगुबोइना और गुंजन शामिल रहीं ने ब्लाकचेन मेडिकल पर आधारित एप का विकास किया। निर्णायकों ने छात्राओं की टीम को विशेष सराहना की।
निर्णायकों की टीम में विप्रो के चीफ आर्किटेक्ट सुभास मोंदल, गूगल समर ऑफ कोड गाइडर और विमेन एक्टिविस्ट तपसेनी पाठक, ओयो रूम के उत्पाद प्रमुख तलविंदर सिंह, गूगल समर ऑफ कोड मेंटर के अक्षय अरोड़ा, ड्रिवजी सीटीओ हेमंत साह एवं वैनिडो सीटीओ हिमांशु सिंह शामिल रहे। विजेता टीम को कंप्यूटर साइंस विभाग के हेड डॉ. एके सिंह, फैकल्टी कोआर्डिनेटर डॉ. रणविजय ने क्रमश 30, 20 एवं 10 हजार के पुरस्कार दिए। हैकॉथन को बिना किसी बाधा के पूरा कराने में संकेत टिमानी, उत्कर्ष गुप्ता, विजय प्रकाश द्विवेदी, कीर्ति द्विवेदी, धवल पटेल, रियाज, प्रियजीत, जतिन रूंगटा सहित बड़ी संख्या में छात्रों ने सहयोग किया।
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प्रतियोगिता की विजेता सूडो कोड टीम रही। टीम के सदस्यों ने एक ऐसे एप का विकास किया, जो नेत्रहीनों के बुद्धि विकास में मदद करेगी। सुडो कोड में शामिल अभिषेक शर्मा, हिमांशु, माधुर्य और सौविक सेन की टीम को 30 हजार का नकद पुरस्कार दिया गया। इंटेलीजेंट चैट बूट का विकास कर मोहित खरे, अभय प्रभात और अभिषेक सैंथिल को 20 हजार का दूसरा पुरस्कार मिला, जबकि ऐसी टीम जिसमें सभी छात्राएं रशमिथा, विंद्रा अग्रवाल, श्रव्या नगुबोइना और गुंजन शामिल रहीं ने ब्लाकचेन मेडिकल पर आधारित एप का विकास किया। निर्णायकों ने छात्राओं की टीम को विशेष सराहना की।
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निर्णायकों की टीम में विप्रो के चीफ आर्किटेक्ट सुभास मोंदल, गूगल समर ऑफ कोड गाइडर और विमेन एक्टिविस्ट तपसेनी पाठक, ओयो रूम के उत्पाद प्रमुख तलविंदर सिंह, गूगल समर ऑफ कोड मेंटर के अक्षय अरोड़ा, ड्रिवजी सीटीओ हेमंत साह एवं वैनिडो सीटीओ हिमांशु सिंह शामिल रहे। विजेता टीम को कंप्यूटर साइंस विभाग के हेड डॉ. एके सिंह, फैकल्टी कोआर्डिनेटर डॉ. रणविजय ने क्रमश 30, 20 एवं 10 हजार के पुरस्कार दिए। हैकॉथन को बिना किसी बाधा के पूरा कराने में संकेत टिमानी, उत्कर्ष गुप्ता, विजय प्रकाश द्विवेदी, कीर्ति द्विवेदी, धवल पटेल, रियाज, प्रियजीत, जतिन रूंगटा सहित बड़ी संख्या में छात्रों ने सहयोग किया।
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