संगम पर प्रियंका ने सूर्य को दिया अर्घ्य, गंगा को चढ़ाया नारियल, हिंदुत्व प्रेम ने खड़े किए कई स्वाल
मौनी अमावस्या पर बृहस्पतिवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के हिंदुत्व प्रेम ने कई अनकहे सियासी सवाल खड़े कर दिए। पहली बार उन्होंने यज्ञ भूमि संगम पर अपनी जड़ों को सनातनी संस्कारों से जोड़ने की कोशिश की। संगम पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ गंगा,यमुना और विलुप्त सरस्वती की पूजा-आरती कर उन्होंने संदेश देने की कोशिश की कि हिंदुत्व के प्रति उनमें किस कदर अगाध आस्था भरी है।
दोपहर बाद मौनी अमावस्या पर पुण्य की डुबकी लगाने के लिए अपनी पुत्री मिराया वाड्रा के सात अरैल घाट पहुंची कांग्रेस महासचिव और यूपी की प्रभारी प्रियंका गांधी ने पहले संगम पर सविधि पूजा की। इसके लिए संगम तट पर ही इंतजाम किए गए थे। नाव से संगम पहुंचने पर प्रियंका ने संकल्प लिया। तीर्थपुरोहित प्रदीप पांडेय और पं दीपू मिश्रा ने नाम और गोत्र के उच्चारण के साथ उनको संकल्प दिलाया। बेटी मिराया के साथ संकल्प लेकर उन्होंने करीब 25 मिनट तक त्रिवेणी की पूजा की।