उमेश पाल हत्याकांड : जेल में बंद अतीक के बेटे अली से भी पूछताछ की तैयारी, मिल सकती है अहम जानकारी
उमेश पाल हत्याकांड में नैनी जेल में बंद अली से भी पूछताछ की तैयारी है। दरअसल यह बात सामने आई है कि उमेश की हत्या से पहले अली से जेल में मिलने उसके कुछ दोस्त गए थे। हत्याकांड के बाद जेल प्रशासन ने इस संबंध में एक रिपोर्ट भी शासन को भेजी थी।
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उमेश पाल हत्याकांड में नैनी जेल में बंद अली से भी पूछताछ की तैयारी है। दरअसल यह बात सामने आई है कि उमेश की हत्या से पहले अली से जेल में मिलने उसके कुछ दोस्त गए थे। हत्याकांड के बाद जेल प्रशासन ने इस संबंध में एक रिपोर्ट भी शासन को भेजी थी। आशंका जताई जा रही है कि यह दोस्त कहीं उमेश पाल हत्याकांड में शामिल गुलाम, साबिर व अन्य तो नहीं थे।
दरअसल अली के जेल जाने से पहले तक गुलाम अली के साथ साए की तरह रहता था। वह विस चुनाव के दौरान कई बार अली के साथ मेरठ समेत अन्य जनपदों में भी चुनाव प्रचार के लिए गया था। ऐसे में यह संभव है कि उमेश पाल हत्याकांड से पहले उसने अन्य शूटरों के साथ जेल में जाकर अली से मुलाकात की हो। सूत्रों का कहना है कि धूमनगंज पुलिस फिलहाल साक्ष्य जुटा रही है। इसके बाद उसकी ओर से कोर्ट में अर्जी दी जा सकती है।
सीसीटीवी फुटेज के जरिए शाइस्ता-साबिर की तलाश
50 हजार की इनामी शाइस्ता परवीन व पांच लाख के इनामी शूटर साबिर की तलाश में पुलिस अब खुल्दाबाद में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने में जुटी है। पुलिस ने न सिर्फ अपने सर्विलांस कैमरों बल्कि निजी प्रतिष्ठानों पर लगे कैमरों के फुटेज भी देखने शुरू किए हैं। यह कवायद इसलिए की जा रही है कि यह पता चल सके कि 17 अप्रैल को खुल्दाबाद में जफरउल्लाह के घर से निकलने के बाद दोनों किस रास्ते से फरार हुए।
अतीक की हत्या के अगले ही दिन शाइस्ता व शूटर साबिर खुल्दाबाद में गुरुद्वारे के पास स्थित जफरउल्लाह के घर पहुंचे थे। इस बात का खुलासा असद के दोस्त आतिन से पूछताछ में हुआ। उसने यह भी बताया कि 16 अप्रैल को ठहरने के बाद दोनों 17 अप्रैल को कहीं और के लिए निकल गए थे। इसी के बाद से पुलिस की अलग-अलग टीमें खुल्दाबाद क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने में जुटी हैं। सूत्रों का कहना है कि पांच दिनों में 50 से ज्यादा कैमरों की फुटेज पुलिस टीमें खंगाल चुकी हैं।
शाइस्ता ने साबिर को दोबारा खुल्दाबाद क्यों भेजा?
पुलिस के लिए एक बड़ा सवाल यह भी है कि आखिर 17 अप्रैल को फरार होने के बाद पांच लाख का इनामी साबिर दोबारा खुल्दाबाद क्यों आया। दरअसल, आतिन ने पूछताछ में यह बताया है कि साबिर दो मई को भी उसके घर आया था। हालांकि, रात में पुलिस की दबिश के दौरान वह चकमा देकर भाग निकला। पुलिस को यह सूचना मिली थी कि शाइस्ता ने ही साबिर को किसी काम से भेजा था। ऐसे में यह भी चर्चा का विषय है कि आखिर इतना जरूरी कौन सा काम था, जिसके लिए साबिर दोबारा शहर आया जबकि वह पुलिस की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल है।