प्रयागराज में मौसम की बिगड़ी चाल, बारिश, आंधी-तूफान
रात में आंधी पानी के बाद मंगलवार को दिन में तेज धूप खिली। शाम को अचानक बादलों ने डेरा जमाया। 60 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चली आंधी के बाद कहीं रिमझिम तो कहीं तेज बारिश हुई। शहर में कई जगहों पर सड़कों पर लगाई गई बैरिकेडिंग पलट गई। कहीं तार टूटे तो कुछ इलाकाें में पेड़ की डालियां टूटकर गिर गईं। मौसम में उठापटक आगे भी रहने के आसार हैं। मौसम विभाग ने आंधी संग बारिश की चेतावनी जारी की है।
सोमवार आधी रात अचानक बिगड़े मौसम ने तेजी से बढ़ रहे पारे पर ब्रेक लगाया। करीब 50 से 55 किलोमीटर की रफ्तार से आई आंधी ने टीन छप्पर उड़ा दिए। बिजली की कड़कड़ाहट के बीच करीब 20 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। हर तरफ पानी ही पानी दिखा। मंगलवार सुबह बादलों के उड़ जाने से मौसम साफ हो गया। दिन चढ़ने के साथ ही धूप तेज होती गई। दोपहर बाद उमस भरी गर्मी में हवाएं तो राहत दे रही थीं, लेकिन तेज धूप बाहर निकले लोगों के शरीर पर चुभती रही।
दिन में तेज धूप के बाद शाम करीब पांच बजे बादलों की धमाचौकड़ी ने मौसमी उठापटक के संकेत दिए। आधे ही घंटे में काली घटाएं करीब 60 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से आए आंधी तूफान में फंसी रहीं। हवाओं का कहर थमा तो गरज चमक के साथ पड़ी बौछारों ने लोगों को करीब दो घंटे तक कई टुकड़ों में भिगोया। बारिश का असर रहा कि मौसम खुशनुमा हो गया। मौसम विभाग के मुताबिक रात में कुछ राहत मिल सकती है।
इसका असर तापमान पर भी पड़ा है। अधिकतम तापमान 24 घंटे में ही करीब तीन डिग्री लुढ़ककर 36.7 डिग्री से 33.8 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। वहीं न्यूनतम तापमान भी करीब चार डिग्री गोता लगाते हुए 24.3 डिग्री से 20.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। करीब सवा महीने में पहली बार आर्द्रता उच्चतम स्तर पर सौ फीसदी रही।
मौसम विज्ञानी प्रो. एचएन मिश्रा के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता और स्थानीय चक्रवात के प्रभाव से अभी आंधी-बारिश के आसार बने हैं। दिन में धूप खिलेगी लेकिन बादलों की धमाचौकड़ी से धूप छांव की स्थिति रहेगी।