Prayagraj Weather : क्वार में बारिश की सावन जैसी झड़ी, वापसी के समय मानसून दिखा रहा रंग
विदाई की बेला में मानसून रंग दिखा रहा है। बृहस्पतिवार को किस्तों में बारिश कराने के बाद रात में सुस्त पड़े बादल शुक्रवार की सुबह फिर सक्रिय हो गए। क्वार के महीने में सावन जैसी झड़ी पूरे दिन लगी रही।
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विदाई की बेला में मानसून रंग दिखा रहा है। बृहस्पतिवार को किस्तों में बारिश कराने के बाद रात में सुस्त पड़े बादल शुक्रवार की सुबह फिर सक्रिय हो गए। क्वार के महीने में सावन जैसी झड़ी पूरे दिन लगी रही। सुबह एक झोंका तेज बारिश हुई फिर रिमझिम फुहारों का क्रम देर रात तक जारी रहा। मौसम विभाग के मुताबिक सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक 20 मिमी बारिश दर्ज की गई। हवा की गति करीब 30 किमी प्रतिघंटे रही। यही नहीं 48 घंटे में अधिकतम तापमान करीब पांच डिग्री सेल्सियस कम होकर 27.8 दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने जिन जिलों के लिए बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, उनमें प्रयागराज भी शामिल है।
शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे बादल अचानक तेज झोंके के साथ बरसने लगे। थोड़ी ही देर में रुक-रुक कर हो रही बारिश ने रफ्तार पकड़ ली। तेज हवाओं संग बारिश का क्रम दिन में 2:30 बजे तक जारी रहा। इसके बाद रिमझिम फुहारें पड़ती रहीं जिसने मौसम सुहाना बना दिया। नमी का स्तर बढ़ने से फिलहाल पंखे की हवा भी ठंडी लगने लगी है। बारिश की वजह से सड़कों और गलियों में किचकिच हो गई। मेडिकल चौराहे पर रामबाग आरओबी छोर पर सीवर ओवरफ्लो होने और कई स्थानों पर आंशिक जलभराव से लोगों को परेशानी हुई। कई पार्कों में जहां दुर्गा पूजा पंडाल सजे हैं, वहां कीचड़ और फिसलन की स्थिति बनी रही।
छह और सात अक्तूबर को रहें सतर्क
मौसम विभाग ने शनिवार के लिए बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रयागराज में शुक्रवार की बारिश ने दशहरे का मेला चौपट कर दिया। शनिवार को पूर्वी यूपी सहित जिन जिलों में बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है, उनमें प्रयागराज भी शामिल है। बीच में बारिश का क्रम रुक सकता है लेकिन छह और सात अक्तूबर तक बारिश हो सकती है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
11 अक्तूबर तक हथिया नक्षत्र
ज्योतिषाचार्य दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली के मुताबिक हथिया नक्षत्र की शुरुआत बारिश से हुई थी। यह शुभ संकेत है। इसका असर 11 अक्तूबर तक रह सकता है। जिला कृषि अधिकारी के मुताबिक हवा की गति सामान्य है तो यह बारिश कुछ फसलों के लिए काफी फायदेमंद है। बारिश धान, मक्का, गन्ना, ज्वार, बाजरा के लिए फायदेमंद है और हरी मिर्च, टमाटर, पालक, भिंडी, कद्दू आदि सब्जियों को खराब कर सकती है। मौसम विज्ञानी प्रोफेसर शैलेंद्र राय के मुताबिक अगले 24 घंटे बारिश का क्रम बना रह सकता है। फिर छह और सात अक्तूबर को बारिश के आसार बने हैं। यह बारिश बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने का परिणाम है। साथ ही चक्रवात का क्षेत्र भी बन रहा है जो बारिश करा सकता है।
रोशनी देखने वालों के उत्साह पर भारी पड़ा मौसम
दशमी के दूसरे दिन पुराने शहर में रोशनी देखने वालों के उत्साह को बारिश ने ठंडा कर दिया। मेले में लोग पहुंचे लेकिन उनकी संख्या बेहद कम रही। लाउडस्पीकरों से घोषणा की जाती रही कि बल्लियों से दूर रहें, करंट लग सकता है। वहीं पटरी पर ठेले और दुकान लगाने वाले ग्राहकों का इंतजार करते रहे।