राजस्थान के धौलपुर बैराज से छोड़े गए पानी के दबाव के बीच बृहस्पतिवार को गंगा-यमुना में उफान आ गया। गंगा-यमुना के तटबंधों की ओर बढ़ने से निचले स्तरों में बाढ़ आ गई। दर्जन भर से अधिक कछारी बस्तियों में पानी घुसने से लोग घर छोड़ने लगे हैं। कोई छतों पर गृहस्थी पहुंचा रहा है तो कोई रिश्तेदारों के यहां शरण लेने के साथ ही सुरक्षित ठिकाना ढूंढने लगा है। रात आठ बजे फाफामऊ में गंगा चेतावनी बिंदु से 1.49 मीटर और नैनी में यमुना1.69 मीटर नीचे बहती रही।
2 of 12
prayagraj news : तेजी से बढ़ रहा है गंगा-यमुना का जलस्तर।
- फोटो : prayagraj
तटवर्ती बस्तियों में पानी घुसने से स्थिति चिंताजनक हो गई है। वहीं, एक दिन पहले राजस्थान के धौलपुर बांध से छोड़े गए 17.81 लाख क्यूसेक से अधिक पानी के भी अगले 48 घंटे के भीतर यहां पहुंचने का अनुमान है, जिससे बाढ़ का पानी खतरे के निशान को पार कर शहर के कुछ हिस्सों और आवासीय कॉलोनियों में भी दाखिल हो सकता है। उधर, प्रशासन ने राहत और बचाव की दिशा में काम शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी संजय खत्री ने अफसरों के साथ बाढ़ राहत व बचाव की तैयारियों की जानकारी ली।
3 of 12
prayagraj news : तेजी से बढ़ रहा है गंगा-यमुना का जलस्तर।
- फोटो : prayagraj
प्रभावित इलाकों में संक्रमण न फैलने पाए, इसके लिए नगर निगम और चिकित्सा विभाग को जरूरी इंतजाम रखने की हिदायत दी गई है। फिलहाल गंगा सात और यमुना आठ सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रही हैं। इससे बेली कछार में पानी घुस गया है। साथ ही सैकड़ों मकान पानी से घिर गए हैं। इसके अलावा द्रोपदी घाट, उंचवागढ़ी, गंगापुरी, चांदपुर, सलोरी, छोटा बघाड़ा, बख्शी मोढ़ा, करेलाबाग समेत कई कछारी बस्तियों में पानी प्रवेश कर गया।
4 of 12
prayagraj news : तेजी से बढ़ रहा है गंगा-यमुना का जलस्तर।
- फोटो : prayagraj
जिस रफ्तार से पानी बढ़ रहा है, उससे रात तक निचले स्तरों के बड़े हिस्से में दुश्वारियां बढ़ने से इंकार नहीं किया जा सकता। सिंचाई विभाग बाढ़ खंड की ओर से रात आठ बजे जारी बुलेटिन के अनुसार गंगा के बाद यमुना चेतावनी भी बिंदु की ओर बढ़ गई। अब प्रशासन का पूरा जोर राजस्थान के धौलपुर बैराज से छोड़े गए पानी के असर से निबटने को लेकर है, ताकि बाढ़ की वजह से विस्थापन और बर्बादी का दायरा बढ़ने से रोका जा सके।
5 of 12
prayagraj news : तेजी से बढ़ रहा है गंगा-यमुना का जलस्तर।
- फोटो : prayagraj
राहत शिविरों में खाने के पैकेट और दवा के इंतजाम रखने के निर्देश
तटवर्ती इलाके के स्कूलों और सामुदायिक भवनों में राहत शिविर खोले जा रहे हैं। राहत शिविरों में खाने के पैकेट, बिजली, पानी व दवा के समुचित इंतजाम रखने के निर्देश दिए। कछारी इलाकों की बस्तियों में बाढ़ का पानी बृहस्पतिवार को और फैलने से बर्तन, बिस्तर और अनाज लेकर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए लोगों ने तैयारी कर ली।