प्रयागराराजः छोटी सी बात पर ससुर ने किया ऐसा काम, सुनकर चौंक जाएंगे आप
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औद्योगिक थाना क्षेत्र के पिपरांव गांव निवासी राम गोपाल प्रजापति का बड़ा बेटा श्यामबाबू प्रजापति मजदूरी करता है। पांच मार्च को क्षेत्र के रामपुर में स्थित नर्सिंग होम में उसका अपेंडिक्स का आपरेशन हुआ है। वह वहीं भर्ती है। बुधवार की सुबह उसकी पत्नी सीमा अपने बड़े बेटे शिवम (12) एवं अपने भाई कमलेश कुमा प्रजापति पुत्र रामधारी निवासी नटिका बबुरा, खजुरौल, करछना के साथ पति का खाना लेकर अस्पताल जाने के लिए तैयार हुई थी। उसी दौरान उसका ससुर रामगोपाल प्रजापति घर के अंदर आ गया। खाना अच्छा न बनाने की बात पर कहासुनी होने लगी। इसी दौरान तैश में आए रामगोपाल ने पहले लात घूसे से बहू सीमा प्रजापति (36) को पीटा फिर लोहे का सब्बल उठाकर उसके सिर पर मार दिया।
जिससे आंगन में खड़ी सीमा का सिर फट गया और वह वहीं गिर गई। कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। बहू की हत्या करने के बाद रामगोपाल थाने पहुंचा और बताया कि उसने अपनी बहू को मार डाला है। यह सुनकर इंस्पेक्टर महेश सिंह अपने दल बल के साथ मौके पर पहुंचे तो उसके घर के सामने ग्रामीणों का मजमा लगा था। पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद शव को कब्जे में लेकर पंचनामा किया और पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। पुलिस ने रामगोपाल प्रजापति को हिरासत में ले लिया है। इंस्पेक्टर औद्योगिक क्षेत्र महेश सिंह का कहना है कि हत्या के पीछे घरेलू कलह सामने आई है। ससुर और बहु में अक्सर विवाद होता रहता था। आज विवाद ज्यादा बढ़ गया और रामगोपाल ने सब्बल मार दिया। सिर में चोट लगने से सीमा की मौत हो गई।
रामगोपाल बहु की हत्या के बाद सीधा थाने पहुंचा और पुलिस वालों से बोला कि ‘ए साहेब! हम अपने पतोहिया का मार के कमरा म बंद कर दिहे अही, ऊ मर गय है साहेब। हमका गिरिफ्तार कई लेई साहेब।’ पुलिस वालों ने पहले सोचा कि वह मानसिक रूप से गड़बड़ है लेकिन उसने फिर कहा कि ‘अरे हम सही कहत बाटेन साहेब। चला घरवा चलिके देख लेय साहेब।’ तब जाकर पुलिस वाले थोड़ा सशंकित हुए। जब उसके गांव पहुंचे तो वहां मजमा लगा हुआ था।
रामपुर स्थित अस्पताल में भर्ती श्याम बाबू के परिवार में पत्नी सीमा के अलावा चार बच्चे हैं। वह सुबह खाने का इंतजार कर रहा था। तभी उसे पता चला कि पिता ने ही सीमा को मार डाला। आपरेशन होने की वजह से वह चलने फिरने में असमर्थ था। वह अस्पताल में ही दहाड़े मारकर रोने लगा। अस्पताल में मौजूद अन्य मरीजों एवं स्टाफ को पता चला तो लोगों ने उसे ढांढस बंधाया। उधर उसके चारों बच्चे शिवम, छोटू, खुशबू और अंकुश घर में मां की खून से सनी लाश देकर बिलखने लगे।