प्रयागराज में घर के बाहर सो रहे व्यक्ति को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाया, तीन आरोपी गिरफ्तार
सरायममरेज के छतौना गांव में हुई खौफनाक वारदात में घर के बाहर सो रहे रामधनी 53 को जिंदा जला दिया गया। गंभीर हाल में उसे एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां शुक्रवार शाम उसने दम तोड़ दिया। परिजनों ने तहरीर देकर तीन लोगों पर नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। यह भी सामने आया है कि मृतक के बेटे के अवैध संबंध की रंजिश में इस वारदात को अंजाम दिया गया।
छतौना गांव निवासी रामधनी पुत्र रामसुमेरभारतीया मजदूरी करता था। रोज की तरह वृहस्पतिवार रात खाना खाने के बाद वह दरवाजे के सामने चारपाई में मच्छरदानी लगाकर सो रहा था। देर रात अचानक उसके चीखने की आवाजें आने लगीं। नींद खुलने पर परिवारवाले बाहर पहुंचे तो देखा कि रामधनी आग का गोला बना चीख रहा है।
शोर सुनकर आसपास के लोग भी आ गए। किसी तरह आग बुझाई गई लेकिन वह तब तक गंभीर रूप से झुलस चुका था। सूचना पर पुलिस पहुंची और फिर उसे सीएचसीप्रतापपुर ले जाया गया। हालत गंभीर देख डाक्टरों ने उसे रेफर कर दिया जिसके बाद उसे एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुक्रवार शाम उसकी मौत हो गई।
मरने से पहले दिया बयान, पेट्रोल छिड़ककर लगा दी आग
सूत्रों के मुताबिक, मौत से पहले अस्पताल में रामधनी ने पुलिस अफसरों को बयान देकर आरोपियों के नाम बताए। बताया कि वह सो रहा था तभी वहां पहुंचे आरोपी पेट्रोल छिड़कने लगे। वह शोर मचाता इससे पहले ही उन्होंने आग लगा दी। आग में घिरते ही वह चीखने लगा तो आरोपी भाग निकले। हालांकि ग्रामीणों से पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि जिस वक्त वारदात हुई, गांव में बिजली नहीं थीँ।
अवैध संबंध को लेकर चल रही थी रंजिश
सूत्रों के मुताबिक, मृतक व आरोपी पक्ष के बीच अवैध संबंधों को लेकर काफी दिनों से रंजिश चल रही थी। मृतक के बेटे का आरोपी पक्ष की एक महिला से अवैध संबंध था। जिसे लेकर कुछ दिनों पहले उसके बेटे की पिटाई भी की गई थी।परिजनों की तहरीर पर गांव के ही रहने वाले रामशिरोमणि, लवकुश एवं राजाराम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
एनपी सिंह, एसपी गंगापार