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प्रयागराज : कोर्ट की फटकार के बाद सरकार ने जारी की एडवाइजरी
Wed, 22 Sep 2021 12:37 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 22 Sep 2021 12:37 AM IST
सार
अदालत ने कहा कि गुंडा एक्ट में कार्यवाही करते समय सावधानी बरतें अधिकारी, लापरवाही बरतने के जिम्मेदार अधिकारियों पर होगी कार्रवाई।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मनमाने तरीके से गुंडा एक्ट के तहत की जा रही कार्यवाही को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की फटकार के बाद राज्य सरकार ने सरकार ने सभी जिला अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को इस बाबत व्यापक निर्देश जारी किए हैं।
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अपर मुख्य सचिव गृह की ओर से प्रस्तुत हलफनामे में इस बात की जानकारी दी गई है। हाईकोर्ट ने कहा है कि गुंडा एक्ट के तहत केस दर्ज करने में अपर मुख्य सचिव के 10 सितंबर 21 को जारी आदेश का पालन किया जाए।
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कोर्ट ने प्रमुख सचिव गृह व डीजीपी को निर्देश दिया है कि आदेश का पालन कराएं ताकि कानून का दुरुपयोग न होने पाए। अपर मुख्य सचिव ने अपने आदेश में कहा है कि गुंडा एक्ट के प्रावधानों का सावधानी पूर्वक परीक्षण कर नोटिस जारी किया जाए।
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इस मामले में शिथिलता के लिए दोषी अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। दहेज उत्पीड़न के घरेलू मामले में गुंडा एक्ट का नोटिस देने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई थी और हलफनामा मांगा था। जिस पर यह आदेश जारी किया गया है।
जिलाधिकारी सोनभद्र ने हलफनामे में बताया कि एडीएम ने नोटिस वापस ले लिया है। इसपर कोर्ट ने अपनी ओर से कोई निर्देश न जारी कर सरकारी आदेश का पालन सुनिश्चित कराने को कहा है। यह आदेश न्यायमूर्ति एसपी केसरवानी तथा न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने शिव प्रसाद गुप्ता की याचिका पर दिया है।
एडीएम सोनभद्र ने याची को पारिवारिक विवाद को लेकर गुंडा एक्ट के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया था। जिसे चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि
गुंडा एक्ट के तहत नोटिस जारी करने का कोई औचित्य नहीं है। पारिवारिक विवाद पर गुंडा एक्ट कैसे लागू हो सकता है।