Prayagraj : कोल्ड स्टोरेज मामले में जिला उद्यान अधिकारी पर गिरेगी गाज, मंत्री ने निलंबित करने का दिया निर्देश
फाफामऊ स्थित चंदापुर गांव में हुए कोल्ड स्टोरेज हादसे के मामले में अब प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। प्रदेश के खाद्य एवं प्रसंस्करण मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला उद्यान अधिकारी सौरभ श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए हैं।
विस्तार
कोल्ड स्टोर हादसे में मुख्य आरोपी सपा नेता व पूर्व मंत्री अंसार अहमद समेत बेटे मंजूर और भतीजे अलाउद्दीन को मंगलवार को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। वहीं, जिला उद्यान अधिकारी सौरभ श्रीवास्तव को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया गया। सभी चार मृतकों का पोस्टमार्टम करा दिया गया है, जबकि घायलों की संख्या 14 से बढ़कर 16 हो गई है।
पुलिस ने फाफामऊ के चंदापुर गांव में प्रयागराज-लखनऊ हाईवे पर स्थित आदर्श कोल्ड स्टोर के मालिक अंसार अहमद समेत सात लोगों को नामजद किया है और पांच अज्ञात के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की है। नामजद लोगों में सपा नेता के पुत्र मंजूर, भतीजा एवं कोल्ड स्टोर का साझेदार अलाउद्दीन, प्रबंधक उस्मान समेत मोहम्मद असलम बाबा, जावेद, मोहम्मद इरफान के नाम भी शामिल हैं।
मंगलवार को प्रयागराज आए प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने घटनास्थल का दौरा किया। मंत्री ने बताया कि जिला उद्यान अधिकारी को प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।संयुक्त निदेशक उद्यान के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है, जो दुर्घटना के कारणों की रिपोर्ट एक सप्ताह में देगी। रिपोर्ट आने पर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दूसरे दिन भी जारी रहा बचाव व राहत कार्य, पहुंचे अफसर
कोल्ड स्टोर की इमारत ढहने के दूसरे दिन भी राहत व बचाव कार्य जारी रहा। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने डीएम मनीष कुमार वर्मा व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। मलबे को शीघ्र हटाने के निर्देश दिए हैं। अमोनिया गैस के रिसाव से उत्पन्न चुनौतियों को देखते हुए प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा उपायों को और सुदृढ़ करने व राहत कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए गए। घायल 16 लोगों का बेली व स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में उपचार जारी है।
सभी शीतगृहों की कराई जाएगी जांच
मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार, डीएम मनीष कुमार वर्मा एवं अपर पुलिस आयुक्त अजय पाल शर्मा सहित अन्य अफसरों के साथ बैठक कर राहत एवं बचाव कार्य की समीक्षा की। उन्होंने उद्यान विभाग के अधिकारियों को घटना से सबक लेते हुए सभी संचालित शीतगृहों के मानक की जांच कर आख्या देने के निर्देश दिए।
मलबा हटने के बाद भी हलचल जारी, राहत-बचाव के साथ आलू लूट पर सख्ती
फाफामऊ के चंदापुर गांव स्थित कोल्ड स्टोर हादसे के दूसरे दिन मंगलवार को भी मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी है। प्रशासन की टीमों ने रातभर मलबा हटाने का काम किया, जबकि सुबह होते ही एक बार फिर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। हालांकि आज पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है, जिससे स्थिति पहले के मुकाबले नियंत्रित दिख रही है।
सुबह का मंजर: मशीनें चल रहीं, नजरें मलबे पर
सुबह से जेसीबी और अन्य मशीनों के जरिए मलबा हटाने का काम तेजी से चल रहा है। प्रशासन का दावा है कि अंदर फंसे लोगों की तलाश लगभग पूरी कर ली गई है, लेकिन एहतियात के तौर पर हर हिस्से की जांच की जा रही है।
स्पताल में घायलों से मिले मंत्री
मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने बेली और स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय में भर्ती घायलों से मिलकर हालचाल जाना। चिकित्सकों से बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
संचालक को करनी होगी किसानों के नुकसान की भरपाई
कोल्ड स्टोर की इमारत ढहने से किसानों को बड़ा नुकसान हुआ है। बड़ी मात्रा में आलू मलबे में दबकर नष्ट हो गए। मंत्री ने कोल्ड स्टोर में भंडारित किसानों के आलू के मूल्य की भरपाई शीतगृह संचालक से शीघ्र कराने के निर्देश दिए हैं।
भीड़ पर नियंत्रण, ‘लूट’ रोकने को सख्ती
सोमवार को मलबा हटने के बाद आलू के बोरों की मची लूट की तस्वीरें सामने आने के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। आज मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। बिना अनुमति किसी को भी कोल्ड स्टोर परिसर में जाने नहीं दिया जा रहा।
पीड़ित परिवारों में बेचैनी, मुआवजे की मांग तेज
हादसे में प्रभावित परिवारों के लोग अब भी मौके के आसपास डटे हुए हैं। कई परिजन अपने लापता सदस्यों की जानकारी के लिए अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं। वहीं, मुआवजे और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग भी तेज हो गई है।
प्रशासन का दावा: जांच के बाद होगी कड़ी कार्रवाई
मंगलवार को मौके पर पहुंची मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल और जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने हादसे के कारणों की बारीकियों की जांच की बात कही है। प्रारंभिक तौर पर निर्माण और सुरक्षा मानकों में लापरवाही की बात सामने आ रही है। दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।