प्रयागराज: काल्विन अस्पताल में डायलिसिस केंद्र शुरू, रोजाना करा सकेंगे मुफ्त डायलिसिस
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मोतीलाल नेहरू मंडलीय अस्पताल में शनिवार से गुर्दा रोगी मुफ्त डायलिसिस सुविधा शुरू हो गई। डायलिसिस केंद्र में रोजाना 18 मरीज सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। बेली अस्पताल एवं एसआरएन के बाद काल्विन तीसरा सरकारी अस्पताल है, जहां यह सहूलियत लोगों को मिलेगी।शहर में गुर्दा रोग पीड़ितों को अमूमन हर तीसरे दिन डायलिसिस कराना पड़ता है। खासा खर्चीला होने के साथ मरीजों को इसके लिए काफी इंतजार भी करना होता है। दोनों ही सरकारी अस्पतालों में डायलिसिस मरीजों की काफी लंबी प्रतीक्षा सूची चल रही है, जबकि नर्सिंगहोम में एक मरीज को करीब 30-35 हजार रुपये महीना खर्च करना पड़ता है।
ऐसे में काल्विन अस्पताल में छह बिस्तर युक्त इस यूनिट के आरंभ होने से मरीजों को काफी मदद मिल सकेगी। प्रमुख अधीक्षक डॉ. वीके सिंह के मुताबिक रोजाना तीन शिफ्ट में 18 मरीजों का डायलिसिस किया जाएगा। यह पूरी तरह निशुल्क होगा। इसके लिए आधुनिक मशीनें लगाईं गईं हैं। इसके जरिए हीमोडायलिसिस किया जाएगा। एसआईसी के मुताबिक पहले दिन 40 मरीजों ने अपना पंजीकरण कराया है। यह केंद्र एनएचआरएम के जरिए डीसीडीसी नामक संस्था की मदद से आरंभ किया गया है। बता दें, अभी बेली अस्पताल में दस बिस्तर एवं एसआरएन में चार बिस्तरों वाले डायलिसिस यूनिट चल रहे हैं।
कोई भी गुर्दा रोगी कल्विन अस्पताल स्थित डायलिसिल केंद्र पहुंचकर अथवा 7052021472, 7085936788 पर कॉल करके पंजीकरण करा सकता है। पंजीकरण के साथ उसे एक नंबर एलॉट हो जाएगा। इसके माध्यम से वह अपनी डायलिसिस करा सकेगा। पंजीकरण कोई भी रोगी करा सकता है।
बहुत जल्द दस बिस्तरों तक होगी क्षमता: सिद्धार्थनाथ
पूर्ण वातानुकूलित इस यूनिट का शनिवार को स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने लोकार्पण किया। उन्होंने यूनिट की जरूरत को देखते हुए जल्द ही इसकी क्षमता छह से बढ़ाकर दस बिस्तर तक करने का भरोसा दिलाया। सीएमओ डॉ. जीएस बाजपेयी ने इस यूनिट को प्रयागराज की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। प्रमुख अधीक्षक डॉ. वीके सिंह ने यूनिट को पूरी क्षमता के साथ चलाने का भरोसा दिलाते हुए बताया कि इसके जरिए एक मरीज का प्रत्येक माह करीब 30-35 हजार रुपये बचेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसे बीस बिस्तर तक बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। लोकार्पण के दौरान अस्पताल के तमाम चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद रहा।