{"_id":"5f0df4ff4dee344a2c286e9f","slug":"prayagraj-despite-being-valid-the-challan-of-the-sand-traders-was-caught","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रयागराजः वैध् होने के बाद भी पकड़ी बालू, व्यापारियों का किया चालान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रयागराजः वैध् होने के बाद भी पकड़ी बालू, व्यापारियों का किया चालान
Wed, 15 Jul 2020 12:00 AM IST
विनोद सिंह
news desk amarujala prayagraj
news desk amarujala prayagraj
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 15 Jul 2020 12:00 AM IST
विज्ञापन
बालू खनन में लगे ट्रैक्टर।
- फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
करीब हफ्ते भर पहले खुल्दाबाद पुलिस की ओर से बालू लदे पांच डंफर सीज किए जाने व 17 लोगों की गिरफ्तारी की कार्रवाई सवालों के घेरे में है। गिरफ्तार कर जेल भेजे गए दो ट्रांसपोर्टरों का आरोप है कि पुलिस ने वैध कागज होने के बाद भी उत्पीडन करते हुए यह कार्रवाई की। उन्होंने मामले की शिकायत एडीजी जोन व जिलाधिकारी से की है।
मामला आठ जुलाई का है जब खुल्दाबाद पुलिस ने बालू लदे पांच डंफर के साथ 17 लोगों को पकड़ा था। दावा किया था कि पकड़ी गई बालू अवैध है जिसके संबंध में कोई कागजात नहीं था। गिरफ्तार लोगों में इसरार अली व रामसिंह निवासी झलवा भी शामिल थे जिनके बारे में दावा किया गया था कि वह पासर हैं।
हालांकि पुलिस की कार्रवाई सोमवार को सवालों के घेरे में आ गई। दरअसल जिस बालू को पुलिस ने अवैध बताया था उससे संबंधित कागजात लेकर दो व्यापारी इसरार अली व राम सिंह एडीजी जोन कार्यालय पहुंचे। आरोप लगाया कि बालू का वैध रवन्ना होने के बावजूद पुलिस ने जबरन डंफर सीज करते हुए उन्हेें गिरफ्तार किया।
विज्ञापन
उन्होंने रवन्ने की ऑनलाइन जनरेट की गई प्रति भी प्रस्तुत की। खास बात यह है कि आठ जुलाई की शाम को ऑनलाइन निकले गए इन रवन्नों की वैधता नौ जुलाई की सुबह तक थी। जबकि पुलिस की कार्रवाई आठ जुलाई की रात 1.30 बजे के करीब हुई। व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया है कि उनसे रुपयों की मांग की गई और न मानने पर उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की गई। उन्होंने मामले की शिकायत एडीजी जोन कार्यालय व डीएम से की है।
विज्ञापन
मामला आठ जुलाई का है जब खुल्दाबाद पुलिस ने बालू लदे पांच डंफर के साथ 17 लोगों को पकड़ा था। दावा किया था कि पकड़ी गई बालू अवैध है जिसके संबंध में कोई कागजात नहीं था। गिरफ्तार लोगों में इसरार अली व रामसिंह निवासी झलवा भी शामिल थे जिनके बारे में दावा किया गया था कि वह पासर हैं।
विज्ञापन
हालांकि पुलिस की कार्रवाई सोमवार को सवालों के घेरे में आ गई। दरअसल जिस बालू को पुलिस ने अवैध बताया था उससे संबंधित कागजात लेकर दो व्यापारी इसरार अली व राम सिंह एडीजी जोन कार्यालय पहुंचे। आरोप लगाया कि बालू का वैध रवन्ना होने के बावजूद पुलिस ने जबरन डंफर सीज करते हुए उन्हेें गिरफ्तार किया।
विज्ञापन
उन्होंने रवन्ने की ऑनलाइन जनरेट की गई प्रति भी प्रस्तुत की। खास बात यह है कि आठ जुलाई की शाम को ऑनलाइन निकले गए इन रवन्नों की वैधता नौ जुलाई की सुबह तक थी। जबकि पुलिस की कार्रवाई आठ जुलाई की रात 1.30 बजे के करीब हुई। व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया है कि उनसे रुपयों की मांग की गई और न मानने पर उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की गई। उन्होंने मामले की शिकायत एडीजी जोन कार्यालय व डीएम से की है।