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Prayagraj Crpf Center: गोलियों की तड़तड़ाहट से थर्रा उठा छावनी परिसर, फैली सनसनी
Sun, 17 May 2020 01:14 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज नेटवर्क, प्रयागराज
न्यूज नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 17 May 2020 01:14 AM IST
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prayagraj news
- फोटो : prayagraj
पड़िला स्थित सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर परिसर शनिवार सुबह गोलियों की तड़तड़ाहट से थर्रा उठा। लोग अभी नींद से पूरी तरह जगे भी नहीं थे कि अचानक एक सरकारी क्वार्टर से गोलियां चलने की आवाजें आने लगीं। ताबड़तोड़ फायरिंग से लोग खौफजदा हो गए। सूचना पर पहुंचे अफसर क्वार्टर में दाखिल हुए तो वहां की हालत देख उनके भी होश उड़ गए।
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ग्रुप सेंटर परिसर में अफसरों के साथ ही जवानों व उनके परिवार भी रहते हैं। जवानों को परिसर में ही बने तिमंजिला भवन में टाइप टू आवास आवंटित किए गए हैं। इसी में से एक क्वार्टर में आरक्षी चालक विनोद कुमार यादव अपने परिवार संग रहता था। शनिवार सुबह बहुत से लोग नींद से जगे भी नहीं थे कि तभी अचानक गोलियां चलने की आवाज आने लगी।
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- फोटो : prayagraj
नींद खुलने पर लोग घर से बाहर भागे तो पता चला कि फायरिंग की आवाजें विनोद के क्वार्टर से आ रही थीं। कोई कुछ समझ पाता, इससे पहले ही ताबड़तोड़ कई फायर हुए। इससे परिसर में सनसनी फैल गई और लोग भी अनहोनी की आशंका में खौफजदा हो गए। कुछ देर बाद गोलियां चलने की आवजें बंद हुईं तो लोगों ने परिसर में ही रहने वाले सीआरपीएफ अफसरों को सूचना दी।
जानकारी पर डीआईजी मनीष सच्चर समेत अन्य अफसर पहुंचे तो क्वार्टर का दरवाजा भीतर से बंद मिला। दरवाजा तोड़कर अफसर क्वार्टर में पहुंचे तो भीतर का नजारा देख उनके होश उड़ गए। विनोद का शव फांसी के फंदे पर लटका था तो उसकी पत्नी व बच्चे खून से लथपथ पड़े हुए थे। घटना की जानकारी हुई तो आसपास के लोग भी स्तब्ध रह गए। कुछ देर बाद एक-एक करके आला पुलिस अफसरों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ। करीब पांच घंटे तक चली जांच पड़ताल के बाद 11 बजे के करीब एक-एक करके चारों शव कमरों से बाहर निकाले गए तो लोगों के कलेजे दहल गए।
जानकारी पर डीआईजी मनीष सच्चर समेत अन्य अफसर पहुंचे तो क्वार्टर का दरवाजा भीतर से बंद मिला। दरवाजा तोड़कर अफसर क्वार्टर में पहुंचे तो भीतर का नजारा देख उनके होश उड़ गए। विनोद का शव फांसी के फंदे पर लटका था तो उसकी पत्नी व बच्चे खून से लथपथ पड़े हुए थे। घटना की जानकारी हुई तो आसपास के लोग भी स्तब्ध रह गए। कुछ देर बाद एक-एक करके आला पुलिस अफसरों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ। करीब पांच घंटे तक चली जांच पड़ताल के बाद 11 बजे के करीब एक-एक करके चारों शव कमरों से बाहर निकाले गए तो लोगों के कलेजे दहल गए।