कोरोना ने रविवार को फिर अब तक के सारे रिकार्ड तोड़ दिए। एसआरएन में जहां कोरोना की चपेट में आए तीन मरीजों ने दम तोड़ दिया, वहीं 24 घंटे के भीतर कोरोना के 83 और मरीज मिले। इससे जिले में कोविड के मरीजों की संख्या 962 हो गई है। जानकार इसे सामुदायिक प्रसार का संकेत बता रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग भी इस खतरे को स्वीकार रहा है। लेकिन उसका दावा है कि ज्यादा मरीज संक्रमण को नियंत्रित करने की दिशा में संकेत हैं।
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मरीजों की संख्या बढ़ने से कोविड अस्पतालों पर बोझ बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के अफसर संक्रमण पर नियंत्रण पाने के उपायों पर रविवार को देर रात तक विचार विमर्श करते रहे। सीएमओ मेजर डॉ. जीएस बाजपेई ने रविवार को 83 लोगों में कोरोना की पुष्टि की। पॉजिटिव आने वालों में 35 की पुष्टि एंटीजन टेस्ट में, जबकि पांच की ट्ू्र नॉट से जांच हुई है।
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छह मरीज निजी अस्पतालों से पॉजिटिव आए हैं। बाकी की पुष्टि मेडिकल कॉलेज से हुई है। संक्रमितों में इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ स्टैंडिंग काउंसिल, झूंसी थाने के पुलिस के जवान शामिल हैं। कोरांव से एक साथ 19 लोगों मेें संक्रमण की पुष्टि हुई है।
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जिला कोरोना नोडल अधिकारी डॉ. ऋषि सहाय ने स्वीकार किया कि यह कम्युनिटी प्रसार के संकेत हैं। हालांकि, स्थित नियंत्रण में हैं। पॉजिटिव आने वाले 50 से साठ फीसदी लोग संक्रमित के संपर्क वाले हैं। पॉजिटिव मामलों की संख्या बढ़ने पर उनका कहना था कि जांच का दायरा बढ़ने से संक्रमितों की पहचान जल्दी हो रही है।
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डॉ. सहाय ने कहा कि पहले जहां हजार या 11 सौ सैंपलों की जांच होती थी वहीं अब एक दिन में 15 सौ जांचे हो रही है। एंटीजन टेस्ट से संक्रमित व्यक्ति का तुरंत पता चल रहा है। पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में आने वाले लोग भी जल्दी ही चिह्नित हो रहे हैं। यह भी सही दिशा में कदम है। अगर ऐसे लोगों को चिह्नित करने में देरी होती तो संक्रमण और फैलता।