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प्रयागराज की सफाई व्यवस्था निजी हाथों में सौंपने की तैयारी
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Prayagraj
- फोटो : AU
प्रयागराज की सफाई व्यवस्था निजी हाथों में सौंपने की तैयारी
अब प्रयागराज की सफाई व्यवस्था निजी हाथों में सौंपे जाने की तैयारी है। इस संबंध में दो जुलाई को लखनऊ में निजी कंपनियों को प्रेजेंटेशन के लिए बुलाया गया है। एक जानी-मानी कंपनी के भी इसमें शिकरत करने की चर्चा है हालांकि नगर निगम अफसर अभी इस बारे में कुछ भी खुलकर बोलने को राजी नहीं हैं।
सड़क सफाई का काम अभी नगर निगम के जिम्मे है जबकि डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने का काम हरी-भरी कर रही है। पिछले सफाई सर्वेक्षणों में प्रयागराज इन दोनों में ही फिसड्डी साबित हुआ। सबसे बुरी गत उसकी डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने एवं बसवार प्लांट के नियमित न चलने से हुई। मनमाने तरीके से हरी-भरी को काम देने की कलई चार साल बाद खुल गई जबकि नगर निगम जिन सफाई एजेंसियों के माध्यम से काम करता है उसमें भी भारी गड़बड़ियां सामने आई हैं। अमूमन पूरे प्रदेश से ही ऐसी शिकायतें शासन को मिली हैं। इसको देखते हुए अब सरकार ने यह दोनों काम निजी हाथों में देने का मन बना लिया है। स्थानीय निकाय निदेशालय की ओर से सड़कों की पूर्ण यांत्रिक सफाई, डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने एवं प्लांट संचालन के लिए इच्छुक एजेंसियों को दो जुलाई को गोमती नगर स्थित कार्यालय में प्रेजेंटेशन के लिए बुलाया गया है। निगम सूत्रों के मुताबिक प्रयागराज के लिए एक जानी-मानी कंपनी ने दिचचस्पी दिखाई है। अगर यह सरकार की शर्तों पर खरी उतरती है तब जल्द ही यह दोनों काम निजी कंपनियों के हवाले कर दिए जाएंगे। इसमें सड़कों की सफाई से लेकर घरों से कूड़ा उठाने एवं बसवार प्लांट के संचालन की जिम्मेदारी भी शामिल रहेगी। नगर आयुक्त डा.उज्जवल कुमार ने कहाकि इस बारे में शासन को ही फैसला करना है।
मशीन खरीदने में खर्च हो चुके करोड़ों
कुंभ के दौरान ही नगर निगम ने सड़कों की सफाई केलिए अलग से कई करोड़ रूपये की रोड स्वीपिंग मशीनें मंगाई थी। ऐसे में अगर चंद माह बाद यह जिम्मा निजी कंपनी के हवाले किया जाता है तब इन मशीनों का क्या होगा, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
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अब प्रयागराज की सफाई व्यवस्था निजी हाथों में सौंपे जाने की तैयारी है। इस संबंध में दो जुलाई को लखनऊ में निजी कंपनियों को प्रेजेंटेशन के लिए बुलाया गया है। एक जानी-मानी कंपनी के भी इसमें शिकरत करने की चर्चा है हालांकि नगर निगम अफसर अभी इस बारे में कुछ भी खुलकर बोलने को राजी नहीं हैं।
सड़क सफाई का काम अभी नगर निगम के जिम्मे है जबकि डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने का काम हरी-भरी कर रही है। पिछले सफाई सर्वेक्षणों में प्रयागराज इन दोनों में ही फिसड्डी साबित हुआ। सबसे बुरी गत उसकी डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने एवं बसवार प्लांट के नियमित न चलने से हुई। मनमाने तरीके से हरी-भरी को काम देने की कलई चार साल बाद खुल गई जबकि नगर निगम जिन सफाई एजेंसियों के माध्यम से काम करता है उसमें भी भारी गड़बड़ियां सामने आई हैं। अमूमन पूरे प्रदेश से ही ऐसी शिकायतें शासन को मिली हैं। इसको देखते हुए अब सरकार ने यह दोनों काम निजी हाथों में देने का मन बना लिया है। स्थानीय निकाय निदेशालय की ओर से सड़कों की पूर्ण यांत्रिक सफाई, डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने एवं प्लांट संचालन के लिए इच्छुक एजेंसियों को दो जुलाई को गोमती नगर स्थित कार्यालय में प्रेजेंटेशन के लिए बुलाया गया है। निगम सूत्रों के मुताबिक प्रयागराज के लिए एक जानी-मानी कंपनी ने दिचचस्पी दिखाई है। अगर यह सरकार की शर्तों पर खरी उतरती है तब जल्द ही यह दोनों काम निजी कंपनियों के हवाले कर दिए जाएंगे। इसमें सड़कों की सफाई से लेकर घरों से कूड़ा उठाने एवं बसवार प्लांट के संचालन की जिम्मेदारी भी शामिल रहेगी। नगर आयुक्त डा.उज्जवल कुमार ने कहाकि इस बारे में शासन को ही फैसला करना है।
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मशीन खरीदने में खर्च हो चुके करोड़ों
कुंभ के दौरान ही नगर निगम ने सड़कों की सफाई केलिए अलग से कई करोड़ रूपये की रोड स्वीपिंग मशीनें मंगाई थी। ऐसे में अगर चंद माह बाद यह जिम्मा निजी कंपनी के हवाले किया जाता है तब इन मशीनों का क्या होगा, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
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