Prayagraj : संगमनगरी में बिजली चोरी रोकने के लिए पहली बार लगेंगे आर्मर केबल
यह केबल सीधे बिजली के खंभों से घरों में लगे मीटरों में लगाई जाएगी। इस केबल से लोग बिजली चोरी नहीं कर सकेंगे। इस केबल को क्रास करना चोरों के लिए आसान नहीं होगा।
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पहली बार शहर में बिजली चोरी रोकने के लिए नया प्लान तैयार किया गया है। इसके लिए अब घरों के भीतर लगे मीटर बाहर किए जाएंगे। साथ ही खंभे से मीटर तक के कनेक्शन के लिए आर्मर केबल का इस्तेमाल किया जाएगा। मीटर बाईपास और केबल क्रास कर बिजली चोरी रोकने के लिए इसे अब तक की सबसे कारगर योजना के रूप में देखा जा रहा है। बिजली चोरी रोकने के लिए इस योजना को शहर सेे सभी सात डिवीजनों में क्रियान्वित किया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर भेज दिया गया है।
कटियामारी के जरिए पुराने शहर में बड़े पैमाने पर हो रही बिजली चोरी रोकने में महकमा नाकाम रहा है। शासन की सख्ती के बाद लगातार चलाए जा रहे अभियानों के बाद भी पांच डिवीजनों में लाइन लॉस पर अंकुश नहीं लग सका है। ऐसे में बिजली चोरी रोकने के लिए बिजली विभाग ने अब नई पहल की है। ज्यादा लाइन लॉस वाले विद्युत खंडों में अब आर्मर केबल के जरिए बिजली चोरी रोकने की योजना बनाई गई है। फिलहाल करेलाबाग, कल्याणी देवी, रामबाग के अलावा बम्हरौली और नैनी डिवीजनों के उन हिस्सों में आर्मर केबल लगाए जाएंगे, जहां 50 फीसदी से ज्यादा लाइन लॉस है।
आर्मर केबल लगने से बिजली चोरी थम जाएगी। इससे लाइन लॉस पर काफी हद तक अंकुश लगने की उम्मीद है। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर डिस्कॉम मुख्यालय को भेजा गया है। बजट स्वीकृत होने के बाद शहर के सभी खंडों में आर्मर केबल लगाने का काम शुरू किया जाएगा। -आरके सिंह, अधीक्षण अभियंता।