प्रयागराजः झूंसी नगर पंचायत के विलय के बाद 712 गांवों में अगले साल होगा परिसीमन
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नगर पंचायत झूंसी को नगर निगम की सीमा में शामिल किए जाने के बाद कई चीजें बदलेंगी। गंगापार-यमुनापार समेत कुल 712 ग्रामसभाओं में अगले साल जून 2021 से परिसीमन कार्य शुरू किया जाएगा। इसके बाद वार्डों का गठन होगा। 15 हजार मतदाताओं पर एक वार्ड का गठन होना है। हालांकि, ग्रामसभा के प्रधानों के वित्तीय अधिकार आगामी 30 जून तक प्रभावी रहेंगे । इसके तहत वह निर्धारित तिथि तक विकास कार्य में अपनी निधि का इस्तेमाल कर सकते हैं।
31 दिसंबर 2019 को प्रकाशित नोटिफिकेशन के तहत झूंसी नगर पंचायत के साथ ही गंगापार के बहादुरपुर विकास खंड की 30 ग्रामसभाओं को पूरी तरह तथा छह ग्रामसभाओं के आंशिक भाग को नगर निगम सीमा में जोड़ा गया है। 31 मार्च तक नगर पंचायत झूंसी को अधूरे काम पूरे कर वित्तीय प्रबंधन और बजट राशि खर्च करनी थी, लेकिन लॉक डाउन के कारण यह प्रक्रिया अटक गई। इसी बीच 21 मई को नगर पंचायत झूंसी को नगर निगम में शामिल करने की अधिसूचना जारी कर दी गई।
नगर निगम सीमा विस्तार के लिए ईद पर्व के बाद विशेष सर्वे कराया जाएगा। नगर निगम के मुख्य अभियंता सतीश कुमार ने बताया कि सर्वे में नगर निगम सीमा में शामिल किए गए गांवों में टूटी नालियां, खड़ंजा, स्ट्रीट लाइटों की स्थिति देखी जाएगी। सभी गांवों और कालोनियों में सफाई व्यवस्था की भी वैकल्पिक तैयारी कर ली गई है। सर्वे के दो माह बाद सफाई का कार्य नगर निगम कराएगा।
करोड़ों की होगी गृह कर वसूली
नगर निगम में शामिल होने के बाद अकेले झूंसी से ही करोड़ों रुपये बतौर गृहकर नगर निगम को प्राप्त होने लगेगा। जनपद की सबसे बड़ी ग्रामसभा झूंसी कोहना में आवास विकास परिषद् की आवास विकास कालोनी योजना दो और तीन शामिल है।
योजना दो में तकरीबन एक हजार तो योजना तीन की कुल ग्यारह सेक्टर में सात से आठ हजार मकान हैं। इसी प्रकार नैका-महीन, हवेलिया, छतनाग रोड, उस्तापुर-महमूदाबाद, पीडीए की त्रिवेणीपुरम कालोनी, चकहरिहरवन, अंदावा, बंधवाताहिरपुर, मुंशी का पुरा, झूंसी रोडवेज वर्कशाप में कई प्राईवेट कालोनियां बसाई गई हैं। इन कालोनियों में हजारों की संख्या में मकान और व्यवसायिक भवन हैं जिनसे नगर निगम को तकरीबन 25 से 30 करोड़ रुपये बतौर गृह कर मिलेंगे।
शासनादेश की कापी मुझे भी प्राप्त हो गई है। नगर निगम के आला अफसरों की ओर से वाट्सअप पर गाइडलाइन भी दी जा रही है। इसी के आधार पर आगे के कार्य सुचारू होंगे।
जगदेव प्रसाद मौर्य, अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत झूंसी