Prayagra AQI : दो दिन बाद प्रयागराज की हवा फिर से हुई प्रदूषित, कोहरे ने और बढ़ाई परेशानी
दो दिन की हल्की राहत के बाद संगमनगरी प्रयागराज की हवा में शनिवार को एक बार फिर से प्रदूषण का स्तर बढ़ गया। शनिवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 से ऊपर यानी बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गया।
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दो दिन की हल्की राहत के बाद संगमनगरी प्रयागराज की हवा में शनिवार को एक बार फिर से प्रदूषण का स्तर बढ़ गया। शनिवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 से ऊपर यानी बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गया। केवल बीते 24 घंटे में वायु गुणवत्ता सूचकांक में 100 से ज्यादा अंकों की बढ़ोतरी हुई है। चिंता की बात यह है कि प्रयागराज के तेलियरगंज और सिविल लाइंस जैसे निगरानी केंद्रों का सूचकांक शनिवार की शाम 300 से ऊपर यानी बहुत खराब श्रेणी में रहा। वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली का अनुमान है कि अगले दो दिनों के बीच शहर की वायु गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में ही रहेगी।
प्रयागराज के लोगों को इस बार सामान्य से ज्यादा प्रदूषण का सामना करना पड़ रहा है। हवा की गति एकदम मंद पड़ने के चलते बीते पिछले सप्ताह प्रदूषण के स्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई थी और वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 यानी बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गया था। लेकिन, बाद में मौसम में हल्का बदलाव हुआ और शुक्रवार को सूचकांक 180 से नीचे यानी खराब श्रेणी में रहा। लेकिन, एक बार फिर से प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, शनिवार को प्रयागराज का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 316 पर रहा। इस स्तर की हवा को बहुत खराब श्रेणी में रखा जाता है। एक दिन पहले शुक्रवार को यह सूचकांक 252 था। प्रयागराज के दो इलाकों का सूचकांक बहुत खराब श्रेणी में है, जबकि झूंसी का वायु गुणवत्ता सूचकांक 270 से ऊपर यानी खराब श्रेणी में दर्ज किया गया।
मानक से तीन गुना ज्यादा रहा वायु प्रदूषण
प्रयागराज की हवा इस समय मानक से तीन गुना ज्यादा प्रदूषित है। मानकों के मुताबिक, हवा में पीएम 2.5 का स्तर 60 से कम और पीएम 10 का स्तर 100 से कम होने पर ही उसे स्वास्थ्यकारी माना जाता है। शनिवार शाम चार बजे प्रयागराज के तेलियरगंज स्थित एमएनएनआईटी में लगे लाइव सेंसर मशीन ने पीएम 2.5 का स्तर 316 दर्ज किया। इसी प्रकार, पीएम 10 का स्तर 135 रहा। सिविल लाइंस के नगर निगम कार्यालय में लगाई गई लाइव सेंसर मशीन ने पीएम 10 का औसत स्तर 131 और पीएम 2.5 का स्तर 298 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया। यानी हवा में मानकों से तीन गुने से ज्यादा प्रदूषक कण मौजूद हैं।