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फर्जीवाड़ा : डाक एजेंट ने सुकन्या समृदि्ध योजना में पुरुषों के करा दिए निवेश, विभागीय कर्मियों की थी मिलीभगत

Sat, 22 Jun 2024 12:26 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 22 Jun 2024 12:26 PM IST
सार

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई) शुरू की गई थी। इसके तहत माता-पिता अपनी बेटी के नाम पर निवेश खाता खोलते हैं। इसमें हर साल कम से कम 250 और अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा कर सकते हैं।

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Postal agent made men invest in Sukanya Samriddhi Yojana, departmental personnel were in collusion
जालसाजी। - फोटो : Istock

विस्तार

दारागंज डाकघर का एजेंट निखिल श्रीवास्तव और उसकी बहन नीति श्रीवास्तव ने निवेश के नाम पर लोगों को करोड़ों की चपत लगाई है। दोनों डाकघर की योजनाओं को अपने हिसाब से चलाते रहे। सुकन्या समृदि्ध योजना में पुरुषों के एकमुश्त निवेश करवा दिए। दो महीने पहले निखिल का निधन हो गया और नीति ने पैसे देने से इन्कार किया तो मामला खुला। मामले में अब तक डाक घर के पोस्टमास्टर समेत 12 लोग निलंबित किए जा चुके हैं।

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बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई) शुरू की गई थी। इसके तहत माता-पिता अपनी बेटी के नाम पर निवेश खाता खोलते हैं। इसमें हर साल कम से कम 250 और अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा कर सकते हैं। जमा रकम पर 7.6 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलता है। इससे इतर निखिल और नीति ने दारागंज के 10 पुरुषों के इस योजना में 15-15 लाख रुपये एकमुश्त निवेश करवा दिए।

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निवेश करने वालों को बताया था कि उन्हें टैक्स से छूट मिलेगी। रिटर्न के रूप में उनको हर 32,975 रुपये महीना देता रहा। यह खेल कई महीने चला। यह लोग डाकघर नहीं गए और एजेंट को पैसे दिए। उनको अच्छा रिटर्न मिल रहा था, इसलिए एजेंट पर भरोसा दिया।अप्रैल में निखिल का निधन होने के बाद रिटर्न मिलना बंद हुआ तो वह लोग उसके घर पहुंचे। उसके घर से मिली पासबुक पर शक हुआ। वह डाकघर में जांच करवाए तो पासबुक और खाता फर्जी निकला। इस योजना में धनराशि लगाने वाले इनकम टैक्स से बचना चाहते हैं। अब जांच शुरू हुई तो वह लोग शिकायत करने से बच रहे हैं।

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दारागंज में पासबुक चेक करवाने वालों की लगी भीड़

फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद शुक्रवार को पासबुक चेक करवाने वालों की दारागंज डाकघर में भीड़ रही। वहां निवेश करने वाले हर व्यक्ति को आशंका हो रही है कि कहीं उसका खाता फर्जी तो नहीं है। इसलिए वह खाता चेक करवाने के लिए पासबुक लेकर पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को सुबह से पासबुक अपडेट करवाने के लिए डाकघर में लोगों की भीड़ लगी रही। डाक कर्मचारियों ने दो साै से अधिक लोगों के पासबुक चेक किए। फिलहाल, कोई खाता गड़बड़ नहीं मिला।

डाक निदेशक गाैरव श्रीवास्तव ने बताया कि जिन्होंने डाकघर में आकर पैसा जमा किया है, उनका खाते सही हैं। जो निखिल और नीति को घर पर पैसे देते थे, उन्हीं के खातों में गड़बड़ी है। उन्होंने कहा कि जिनके पास डाकघर का सही रिकॉर्ड है, उन्हीं के पैसे वापस होंगे। फर्जी पासबुक वालों की धनराशि की जिम्मेदारी डाक विभाग की नहीं है।

निखिल के पत्नी और बहन से हुई पूछताछ

मामले की जांच के लिए सात एएसपी की टीम बनाई गई है। जांच टीम ने दारागंज डाकघर में निखिल की पत्नी गाैरी श्रीवास्तव और बहन नीति से पूछताछ की। नीति ने पहले किसी भी तरह की हेराफेरी करने से इन्कार किया। उसने अपने भाई पर हेराफेरी का आरोप लगाया। कहा कि उसका अपने भाई से कोई मतलब नहीं है। इस पर डाक विभाग की टीम ने लेनदेन का हिसाब सामने रख दिया। नीति के खाते से उसका भाई लेनदेन कर रहा था। दोनों में पैसों का लेनदेन नियमित होता था। दोनों का डाकघर और एसबीआई में खाता है। इससे यह स्पष्ट हुआ कि वह झूठ बोल रही हैं। नीति ने लेनदेन के प्रपत्रों में अलग-अलग हस्ताक्षर किए। इसलिए जांच टीम के सामने वह बेनकाब हो गई।

डाकघर में संबद्ध किए गए चार कर्मचारी

एजेंट के जरिये गबन का खुलासा होने के बाद दारागंज डाकघर के पोस्टमास्टर समेत चार कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया। इसके अलावा उस डाकघर में पूर्व में काम कर चुके आठ कर्मचारियों को भी निलंबित किया गया। खासकर दारागंज के चार कर्मियों पर कार्रवाई होने से वहां का कार्य प्रभावित हो रहा था। वहां पर पासबुक चेक करवाने और अन्य कार्य के लिए लोगों की भीड़ लग रही है। इसलिए प्रवर डाक अधीक्षक अभिषेक श्रीवास्तव ने तत्काल चार कर्मचारियों को दारागंज में भेजा गया है। इसमें कचहरी से अखिलेश नारायण त्रिपाठी और साैरभ निषाद को और प्रधान डाकघर से सूरज सिंह और दिनेश को भेजा गया है। अभी इनको संबद्ध किया है। स्थायी तैनाती बाद में की जाएगी।

जिनके पैसे गए, वह भी कराएंगे मुकदमा

डाक एजेंट ने कई लोगों को करोड़ों की चपत लगाई। जिनका नुकसान हुआ है, उनमें से अब तक किसी ने मुकदमा दर्ज नहीं कराया है। आने वाले दिनों में उसमें से भी कुछ लोग एजेंट के खिलाफ ठगी का मुकदमा दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा डाक विभाग की ओर से भी मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी है। इसके लिए विधिक राय ली जा रही है।

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