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ज्ञापन लेकर आंदोलन समाप्त करना चाहती थी पुलिस
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Wed, 10 Dec 2014 11:53 PM IST
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एसएससी प्रतियोगी छात्रों के आंदोलन को पुलिस एसएससी कार्यालय पर ही समाप्त करना चाहती थी। 2.30 बजे तक प्रदर्शन के बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने आंदोलन की अगुवाई करने वाले छात्रों को बुलाया और पूछा कि वे ज्ञापन देना चाहते हैं या फिर गिरफ्तारी। प्रतियोगी छात्रों ने गिरफ्तारी की बात कही और शपथ लेते हुए शांति से पुलिस लाइन तक जुलूस निकाला। वहां पर पहुंचकर छात्रों ने पुलिस के मना करने के बावजूद सभा की।
आयोग के खिलाफ लगातार नारेबाजी की। पुलिस आंदोलन को समाप्त कराने के लिए पहले छात्रनेता राणा यशवंत प्रताप सिंह, विवेकानंद पाठक, संघर्ष मोर्चा के संदीप पाठक सहित कई नेताओं को गिरफ्तार करना चाहती थी, लेकिन बड़ी संख्या में उनके साथ प्रतियोगी छात्र जेल जाने को तैयार हो गए। एडीएम सिटी ने प्रधानमंत्री के नाम का ज्ञापन लिया और छात्रों को जाने दिया।
प्रतियोगी छात्रों के आंदोलन को देखते हुए पुलिस ने लाउदर रोड को पूरी तरह से बंद कर रखा था। वहां पर सुबह से ही बड़ी संख्या में पुलिस, पीएसी की तैनाती कर रखी थी। एसएससी के क्षेत्रीय निदेशक के आवास को भी अपने घेरे में ले रखा था। लाउदर रोड पूरी तरह से बंद कर दिया गया था।
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आयोग के खिलाफ लगातार नारेबाजी की। पुलिस आंदोलन को समाप्त कराने के लिए पहले छात्रनेता राणा यशवंत प्रताप सिंह, विवेकानंद पाठक, संघर्ष मोर्चा के संदीप पाठक सहित कई नेताओं को गिरफ्तार करना चाहती थी, लेकिन बड़ी संख्या में उनके साथ प्रतियोगी छात्र जेल जाने को तैयार हो गए। एडीएम सिटी ने प्रधानमंत्री के नाम का ज्ञापन लिया और छात्रों को जाने दिया।
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प्रतियोगी छात्रों के आंदोलन को देखते हुए पुलिस ने लाउदर रोड को पूरी तरह से बंद कर रखा था। वहां पर सुबह से ही बड़ी संख्या में पुलिस, पीएसी की तैनाती कर रखी थी। एसएससी के क्षेत्रीय निदेशक के आवास को भी अपने घेरे में ले रखा था। लाउदर रोड पूरी तरह से बंद कर दिया गया था।
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