Mahakumbh : अमृत काल के सिद्धि योग में कुंभ कलश की पूजा करेंगे पीएम मोदी, सीएम योगी भी रहेंगे मौजूद
प्रधानमंत्री संगम पर दोपहर 12:15 बजे पहुंचेंगे। सीएम योगी के निरीक्षण के बाद शाम सात बजे स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) के अधिकारियों ने संगम नोज पर तीर्थ पुरोहितों के साथ गंगा पूजन और कुंभ कलश के पूजन की तैयारियों की गहन जानकारी ली।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को संगम पर जब पहुंचेंगे, तब अमृत काल लग चुका होगा। अमृत काल के सिद्धि योग में पीएम मानवता की अमूर्त धरोहर के तौर पर विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक समागम के रूम में महाकुंभ की सफलता के लिए कुंभ कलश का पूजन करेंगे। पूजन में उनके साथ राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी जेटी पर मौजूद रहेंगे।
प्रधानमंत्री संगम पर दोपहर 12:15 बजे पहुंचेंगे। सीएम योगी के निरीक्षण के बाद शाम सात बजे स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) के अधिकारियों ने संगम नोज पर तीर्थ पुरोहितों के साथ गंगा पूजन और कुंभ कलश के पूजन की तैयारियों की गहन जानकारी ली। फूलों से सुसज्जित जेटी पर पूजा स्थल पर पीएम मोदी के साथ राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी रहेंगे।
पूजा काली मछली निशान वाले तीर्थ पुरोहित पं. दीपू मिश्रा के आचार्यत्व में सात वैदिक आचार्य कराएंगे। पूजा कराने के लिए चयनित आचार्यों की सूची का भी एसपीजी ने सत्यापन किया। करीब 20 मिनट तक पूजा के बाद पीएम गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम पर मां गंगा की आरती भी उतारेंगे।
तैयारियों को दिया गया अंतिम रूप
संगम पर अभेद्य सुरक्षा के बीच प्रधानमंत्री की पूजा की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। अमृत काल के सिद्धि योग में विद्वान विशेष पूजा करने के दौरान मंत्रोच्चार करेंगे। इसके लिए तैयार की गई भव्य जेटी पर मंत्रोच्चार के साथ गौरी-गणेश का पूजन होगा।
इसके बाद पीएम मोदी कुंभ कलश की सविधि पूजा करेंगे। इसी क्रम में वह गंगा पूजन भी करेंगे। कुंभ कलश की पूजा के लिए सामग्री की एसपीजी ने जांच भी कराई। पूजा के सामानों को भी सूचीबद्ध किया गया। पूजा के समय प्रधानमंत्री महाकुंभ के वैश्विक आयोजन की सफलता की कामना करने के साथ ही विश्व शांति के लिए भी मां गंगा से प्रार्थना करेंगे। पीएम जब पूजा करेंगे, तब जल, थल और नभ से तीन चरणों में अभेद्य सुरक्षा घेरा बनाकर निगरानी होती रहेगी। प्रधानमंत्री संगम से मेला क्षेत्र की बसावट को भी निहारेंगे।