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बोगी से बाहर झांक रहे युवक का पोल से टकराया सिर, मौत
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 02 Sep 2016 02:55 AM IST
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बरौत (ब्यूरो)। दिल्ली से बिहार में अपने घर जा रहे 34 वर्षीय यात्री की बृहस्पतिवार शाम सिग्नल पोल से टकराकर मौत हो गई। वह ट्रेन के गेट पर खड़ा होकर बाहर झांक रहा था तभी यह हादसा हुआ। अगले हॉल्ट पर ट्रेन रुकी तो मां और भाई उतरकर वहां पहुंचे, जहां युवक गिरा था। दहेज के लिए पत्नी के कत्ल के आरोपी युवक को कोर्ट में पेशी की खातिर मां अपने साथ बिहार ले जा रही थी।
बिहार में दरभंगा जनपद निवासी अशोक ठाकुर का पुत्र अतुल ठाकुर (34) भाई विपुल कुमार के साथ गुड़गांव में नौकरी करता था। उसका ब्याह करीब दस साल पहले समस्तीपुर जनपद में हुआ था। नौ साल का बेटा ऋषि है। अतुल की पत्नी की मौत हो गई थी। उसके खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज था जिसमें छह सितंबर को समस्तीपुर की अदालत में उसकी पेशी होनी थी। कुछ दिन पहले अतुल की मां सुशीला भी गुड़गांव बेटों के पास आ गई थी। बृहस्पतिवार सुबह वह दोनों बेटों के साथ स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस से बिहार के लिए रवाना हुई। ट्रेन भीटी स्टेशन से गुजर रही थी तभी अतुल बोगी के गेट पर खड़ा होकर बाहर झांकने लगा। उसका सिर सिग्नल के खंभे से टकरा गया। वह ट्रेन से गिरा तो यात्रियों ने शोर मचाया। कुछ दूर जाकर ट्रेन अतरौरा हाल्ट पर रुकी तो रोते-कलपते हुए सुशीला बेटे विपुल के साथ उतर गई। वे दोनों वहां पहुंचे जहां अतुल ट्रेन से गिरा था। उसकी मौत हो चुकी थी। हंडिया पुलिस के साथ ही रेलवे पुलिस भी पहुंची। जीआरपी ने शव सीलकर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया।
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बिहार में दरभंगा जनपद निवासी अशोक ठाकुर का पुत्र अतुल ठाकुर (34) भाई विपुल कुमार के साथ गुड़गांव में नौकरी करता था। उसका ब्याह करीब दस साल पहले समस्तीपुर जनपद में हुआ था। नौ साल का बेटा ऋषि है। अतुल की पत्नी की मौत हो गई थी। उसके खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज था जिसमें छह सितंबर को समस्तीपुर की अदालत में उसकी पेशी होनी थी। कुछ दिन पहले अतुल की मां सुशीला भी गुड़गांव बेटों के पास आ गई थी। बृहस्पतिवार सुबह वह दोनों बेटों के साथ स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस से बिहार के लिए रवाना हुई। ट्रेन भीटी स्टेशन से गुजर रही थी तभी अतुल बोगी के गेट पर खड़ा होकर बाहर झांकने लगा। उसका सिर सिग्नल के खंभे से टकरा गया। वह ट्रेन से गिरा तो यात्रियों ने शोर मचाया। कुछ दूर जाकर ट्रेन अतरौरा हाल्ट पर रुकी तो रोते-कलपते हुए सुशीला बेटे विपुल के साथ उतर गई। वे दोनों वहां पहुंचे जहां अतुल ट्रेन से गिरा था। उसकी मौत हो चुकी थी। हंडिया पुलिस के साथ ही रेलवे पुलिस भी पहुंची। जीआरपी ने शव सीलकर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया।
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