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पीसीएस-जे प्री का संशोधित परिणाम जारी करने का आदेश
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 27 Apr 2016 12:28 AM IST
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अदालत
- फोटो : file
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हाईकोर्ट ने पीसीएस-जे प्रारंभिक परीक्षा में पूछे गए दो प्रश्नों के जवाब गलत पाए जाने पर संशोधित परीक्षा परिणाम जारी करने का आदेश उप्र लोकसेवा आयोग को दिया है। अभ्यर्थियों ने इन प्रश्नों के आधार पर परिणाम को चुनौती दी थी। वान्या गुप्ता और रोहित नंदन शुक्ला की याचिकाओं पर न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई की।
याचीगण का कहना था कि उन्होंने प्रारंभिक परीक्षा दी थी, मगर कट ऑफ मार्क्स से एक अंक कम होने के कारण उनका चयन मुख्य परीक्षा के लिए नहीं हो सका। पूछे गए प्रश्नोें के उत्तर का मिलान करने पर पता चला कि उप्र लोकसेवा आयोग द्वारा जारी उत्तर कुंजी में दो प्रश्नों के गलत जवाब दिए गए थे। कोर्ट ने इन प्रश्नों पर विशेषज्ञ राय लेने का आयोग को निर्देश दिया था।
शेषज्ञ की राय के बाद कोर्ट ने एक प्रश्न का सही जवाब बद्रीनाथ मंदिर का कुमायूं पहाड़ियों पर स्थित होना माना, जबकि दूसरे का सही जवाब था कि प्रदेश निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है। कोर्ट ने इन प्रश्नों का ही सही उत्तर देने वाले अभ्यर्थियों को ही प्रश्नों का अंक देने का निर्देश दिया है, साथ ही परिणाम संशोधित करने को कहा है। याचिका पर अधिवक्ता अनिल तिवारी और अनिल शर्मा ने बहस की।
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याचीगण का कहना था कि उन्होंने प्रारंभिक परीक्षा दी थी, मगर कट ऑफ मार्क्स से एक अंक कम होने के कारण उनका चयन मुख्य परीक्षा के लिए नहीं हो सका। पूछे गए प्रश्नोें के उत्तर का मिलान करने पर पता चला कि उप्र लोकसेवा आयोग द्वारा जारी उत्तर कुंजी में दो प्रश्नों के गलत जवाब दिए गए थे। कोर्ट ने इन प्रश्नों पर विशेषज्ञ राय लेने का आयोग को निर्देश दिया था।
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शेषज्ञ की राय के बाद कोर्ट ने एक प्रश्न का सही जवाब बद्रीनाथ मंदिर का कुमायूं पहाड़ियों पर स्थित होना माना, जबकि दूसरे का सही जवाब था कि प्रदेश निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है। कोर्ट ने इन प्रश्नों का ही सही उत्तर देने वाले अभ्यर्थियों को ही प्रश्नों का अंक देने का निर्देश दिया है, साथ ही परिणाम संशोधित करने को कहा है। याचिका पर अधिवक्ता अनिल तिवारी और अनिल शर्मा ने बहस की।
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