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Pak Terrorist Module : परिजनों के माध्यम से फोन कर बुलवाया गया था हुमैद, करेली थाने के पास पहुंचकर एटीएस के सामने किया था सरेंडर
Sat, 18 Sep 2021 11:21 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 18 Sep 2021 11:21 PM IST
सार
हुमैद के पकड़े जाने के बाद अब आतंकी मॉड्यूल के लिए काम करने वाले स्लीपर सेल भी बेनकाब हो सकेंगे। दरअसल माना जा रहा है कि पूर देश को दहलाने के लिए तैयार किए गए आतंकी मॉड्यूल के पीछे सिर्फ छह लोग नहीं हो सकते। मॉड्यूल के लिए काम करने वाले तमाम स्लीपर सेल भी होंगे जो बेहद गोपनीय तरीके से अपनी गतिविधियां संचालित कर रहे होंगे। यह इसलिए और ज्यादा खतरनाक है क्योंकि इस मॉड्यूल में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ ही अंडरवर्ल्ड भी शामिल है।
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ओसामा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आतंकी मॉड्यूल का मुख्य कर्ताधर्ता हुमैद उर रहमान ने यूं ही सरेंडर नहीं किया। इसके लिए भी एटीएस को खासा मशक्कत करनी पड़ी। एटीएस के जवान लगातार हुमैद के परिजनों से बातचीत में जुटे थे। उन्हें समझाया जा रहा था कि हुमैद पुलिस से बहुत दिनों तक बच नहीं पाएगा। ऐसे में ठीक यही रहेगा कि वह खुद को उनके हवाले कर दे। इसके बाद ही वह करेली थाने के पास पहुंचा जिसके बाद एटीएस ने उसे हिरासत में ले लिया।
एटीएस की टीम लगातार हुमैद के परिजनों के संपर्क में थी। हुमैद की तलाश के साथ ही वह उनसे बातचीत में भी जुटी थी। दिल्ली पुलिस की ओेर से लुकआउट नोटिस जारी होने के बाद उस पर दबाव बढ़ गया था। एटीएस लगातार उसकी तलाश में छापे मार रही थी। साथ ही परिजनों को भी समझा रही थी कि जिस भी माध्यम से संपर्क हो, वह हुमैद से सरेंडर करने के लिए कहें। लुकआउट सर्कुलर जारी होने केबाद उसके लिए फ्लाइट से भागने का विकल्प भी खत्म हो गया था।
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एटीएस की टीम लगातार हुमैद के परिजनों के संपर्क में थी। हुमैद की तलाश के साथ ही वह उनसे बातचीत में भी जुटी थी। दिल्ली पुलिस की ओेर से लुकआउट नोटिस जारी होने के बाद उस पर दबाव बढ़ गया था। एटीएस लगातार उसकी तलाश में छापे मार रही थी। साथ ही परिजनों को भी समझा रही थी कि जिस भी माध्यम से संपर्क हो, वह हुमैद से सरेंडर करने के लिए कहें। लुकआउट सर्कुलर जारी होने केबाद उसके लिए फ्लाइट से भागने का विकल्प भी खत्म हो गया था।
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pak terror module
- फोटो : अमर उजाला
उधर रेलवे स्टेशनों पर पुलिस को अलर्ट कर दिया गया था। सीमा के सभी थानों की पुलिस को भी हाईअलर्ट पर कर दिया गया था। यही वजह थी कि हुमैद के पास कोई ऑप्शन नहीं बचा था। उधर एटीएस लगातार परिजनों के संपर्क में थी। ऐसे में परिजनों न ही उसे सरेंडर करने के लिए कहा जिस पर आखिरकार वह राजी हो गया। इसके बाद शुक्रवार शाम वह करेली थाने के पास एटीएस केबताए स्थान पर पहुंच गया। इस दौरान उसके परिवार का एक सदस्य भी साथ था। इसके बाद एटीएस की टीम उसे अपने साथ लेकर पुलिस लाइन पहुंची जहां से कुछ देर बाद टीम उसे लेकर लखनऊ के लिए रवाना हो गई।