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एमईएस में नियुक्ति रद्द करने के आदेश पर रोक
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 03 Jul 2016 01:55 AM IST
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सैन्य अभियंत्रण सेवा (एमईएस) इलाहाबाद के लिए चयनित 20 अभ्यर्थियों का चयन रद्द कर दोबारा विज्ञापन जारी करने के आदेश पर केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (सीएसी) ने रोक लगा दी है। सीएटी ने रक्षा मंत्रालय और एमईएस अधिकारियों से इस मामले में दो सप्ताह में जवाब मांगा है।
चयनित अभ्यर्थी सोनू यादव और साक्षी सिंह ने इस मामले में सीएटी के समक्ष याचिका दाखिल की है। अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह ने बताया कि दिसंबर 2014 में एमईएस में तृतीय श्रेणी कर्मचारी (मेट) के पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला गया। इसमें से 22 पद इलाहाबाद बम्हरौली के लिए थे। याचीगण ने इसमें आवेदन किया। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद मेरिट लिस्ट जारी की गई जिसमें उनका चयन भी हो गया मगर नियुक्तिपत्र जारी नहीं किया गया। पांच जून 2016 को एमईएस ने पूरी नियुक्ति प्रक्रिया को रद्द कर दिया। इसके बाद 16 जून 2016 को नया विज्ञापन जारी कर दिया। इस बार शैक्षिक अर्हता भी हाईस्कूल से बढ़ाकर हाईस्कूल और आईटीआई डिप्लोमा कर दिया गया।
एमईएस की ओर से कहा गया कि पहली बार चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायत पर उसे रद्द कर दिया गया है। जबकि याची के अधिवक्ता का कहना था कि चयन प्रक्रिया प्रारंभ हो जाने के बाद उसके नियम बीच में नहीं बदले जा सकते हैं। प्रशासनिक सदस्य ओपीएस मलिक ने पांच जून और 16 जून 2016 के आदेशों पर रोक लगाते हुए दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
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चयनित अभ्यर्थी सोनू यादव और साक्षी सिंह ने इस मामले में सीएटी के समक्ष याचिका दाखिल की है। अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह ने बताया कि दिसंबर 2014 में एमईएस में तृतीय श्रेणी कर्मचारी (मेट) के पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला गया। इसमें से 22 पद इलाहाबाद बम्हरौली के लिए थे। याचीगण ने इसमें आवेदन किया। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद मेरिट लिस्ट जारी की गई जिसमें उनका चयन भी हो गया मगर नियुक्तिपत्र जारी नहीं किया गया। पांच जून 2016 को एमईएस ने पूरी नियुक्ति प्रक्रिया को रद्द कर दिया। इसके बाद 16 जून 2016 को नया विज्ञापन जारी कर दिया। इस बार शैक्षिक अर्हता भी हाईस्कूल से बढ़ाकर हाईस्कूल और आईटीआई डिप्लोमा कर दिया गया।
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एमईएस की ओर से कहा गया कि पहली बार चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायत पर उसे रद्द कर दिया गया है। जबकि याची के अधिवक्ता का कहना था कि चयन प्रक्रिया प्रारंभ हो जाने के बाद उसके नियम बीच में नहीं बदले जा सकते हैं। प्रशासनिक सदस्य ओपीएस मलिक ने पांच जून और 16 जून 2016 के आदेशों पर रोक लगाते हुए दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
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