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परिषदीय विद्यालयों में अनिवार्य होगी शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 10 Sep 2017 01:54 AM IST
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माध्यमिक विद्यालयों में बायोमेट्रिक मशीनों से शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य करने के बाद अब जल्द ही परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के लिए भी ऑनलाइन हाजिरी अनिवार्य करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए सॉफ्टवेयर तैयार कराया जा रहा है। इस व्यवस्था में शिक्षकों को समय से विद्यालय पहुंचना होगा और अपनी फोटो खींचकर सॉफ्टवेयर के आधार पर तैयार होने वाले एप पर अपलोड करना होगा। इसी से उनकी हाजिरी लग जाएगी। इसके लिए शिक्षकों को अपने पास एंड्रॉयड मोबाइल रखना होगा, जिसमें यह हाजिरी एप डाउनलोड होगा।
परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों के नियमित रूप से न आने की शिकायत अक्सर सामने आती रहती हैं। शिक्षकों के अनुपस्थित होने का सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। उन विद्यालयों में समस्या ज्यादा होती है, जहां दो या तीन शिक्षक तैनात हैं। नियमित विद्यालय न आने का यह खेल अफसरों की मिलीभगत से होता है। ऐसे में सरकार ने शिक्षकों पर लगाम कसने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए बेसिक शिक्षा परिषद सॉफ्टवेयर तैयार करा रहा है। इसमें शिक्षकों का पूरा डाटा अपलोड किया जाएगा, जिसमें शिक्षक का नाम, पद, विद्यालय स्थल आदि विवरण दर्ज होगा। इससे जुड़ा सर्वर बीएसए कार्यालय में लगेगा। सॉफ्टवेयर तैयार होने के बाद शिक्षकों को उसे अपने एंड्रॉयड फोन पर हाजिरी एप डाउनलोड करना होगा।
विद्यालय पहुंचते ही शिक्षक को अपनी फोटो खींचकर एप पर अपलोड करनी होगी। ऐसा करते ही शिक्षक का नाम, पद, विद्यालय और पहुंचने का समय आदि विवरण आ जाएगा। वैसे इसके पूरी तरह लागू होने में समस्या भी खड़ी हो सकती है क्योंकि बड़ी संख्या ऐसे पुराने शिक्षकों की है, जो एंड्रायड फोन इस्तेमाल नहीं करते और उन्हें ऐप के बारे में कोई जानकारी नहीं है। हालांकि विभाग के अफसर इस बारे में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।
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परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों के आकस्मिक अवकाश के नाम पर होने वाले खेल पर रोक लगाने के लिए जिले में यह व्यवस्था ऑनलाइन की गई है। यह व्यवस्था मंडलायुक्त आशीष गोयल के निर्देश पर लागू की गई है। दरअसल इस तरह की शिकायतें लगातार आ रही थीं कि आकस्मिक अवकाश पर जाने वाले शिक्षक अपने साथी शिक्षक को प्रार्थना पत्र देकर जाते हैं, इस बीच अफसर विद्यालय में जांच करने पहुंचे तो प्रार्थना पत्र दिखा दिया, वर्ना अगले दिन विद्यालय आने पर शिक्षक ने प्रार्थना पत्र वापस लेकर रजिस्टर में उपस्थिति दर्ज कर दी। इस पर रोक लगाने के लिए मंडलायुक्त के आदेश पर बीएसए कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है। ह्वाट्स एप नंबर, एसएसएम से सूचना देने या फिर आकस्मिक अवकाश वाले दिन सुबह कंट्रोल रूम में फोन करके सूचना देने की व्यवस्था की गई है।
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परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों के नियमित रूप से न आने की शिकायत अक्सर सामने आती रहती हैं। शिक्षकों के अनुपस्थित होने का सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। उन विद्यालयों में समस्या ज्यादा होती है, जहां दो या तीन शिक्षक तैनात हैं। नियमित विद्यालय न आने का यह खेल अफसरों की मिलीभगत से होता है। ऐसे में सरकार ने शिक्षकों पर लगाम कसने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए बेसिक शिक्षा परिषद सॉफ्टवेयर तैयार करा रहा है। इसमें शिक्षकों का पूरा डाटा अपलोड किया जाएगा, जिसमें शिक्षक का नाम, पद, विद्यालय स्थल आदि विवरण दर्ज होगा। इससे जुड़ा सर्वर बीएसए कार्यालय में लगेगा। सॉफ्टवेयर तैयार होने के बाद शिक्षकों को उसे अपने एंड्रॉयड फोन पर हाजिरी एप डाउनलोड करना होगा।
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विद्यालय पहुंचते ही शिक्षक को अपनी फोटो खींचकर एप पर अपलोड करनी होगी। ऐसा करते ही शिक्षक का नाम, पद, विद्यालय और पहुंचने का समय आदि विवरण आ जाएगा। वैसे इसके पूरी तरह लागू होने में समस्या भी खड़ी हो सकती है क्योंकि बड़ी संख्या ऐसे पुराने शिक्षकों की है, जो एंड्रायड फोन इस्तेमाल नहीं करते और उन्हें ऐप के बारे में कोई जानकारी नहीं है। हालांकि विभाग के अफसर इस बारे में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।
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परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों के आकस्मिक अवकाश के नाम पर होने वाले खेल पर रोक लगाने के लिए जिले में यह व्यवस्था ऑनलाइन की गई है। यह व्यवस्था मंडलायुक्त आशीष गोयल के निर्देश पर लागू की गई है। दरअसल इस तरह की शिकायतें लगातार आ रही थीं कि आकस्मिक अवकाश पर जाने वाले शिक्षक अपने साथी शिक्षक को प्रार्थना पत्र देकर जाते हैं, इस बीच अफसर विद्यालय में जांच करने पहुंचे तो प्रार्थना पत्र दिखा दिया, वर्ना अगले दिन विद्यालय आने पर शिक्षक ने प्रार्थना पत्र वापस लेकर रजिस्टर में उपस्थिति दर्ज कर दी। इस पर रोक लगाने के लिए मंडलायुक्त के आदेश पर बीएसए कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है। ह्वाट्स एप नंबर, एसएसएम से सूचना देने या फिर आकस्मिक अवकाश वाले दिन सुबह कंट्रोल रूम में फोन करके सूचना देने की व्यवस्था की गई है।